UP News: यूपी में स्मार्ट मीटर कंपनियों ने किया बड़ा खेल, बिजली विभाग को लगी करोड़ों की चपत

UP News: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने वाली मीटर निर्माता कंपनियों के खिलाफ एक बड़ा घोटाला सामने आया है। इन कंपनियों ने 6.22 लाख पुराने मीटर बिजली वितरण कंपनियों को जमा नहीं कराए, जिससे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। इस मामले में सीतापुर में एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि गोंडा और बलरामपुर में भी एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, गोंडा में मीटर रीडिंग शून्य करने की धांधली सामने आई है, जिससे बिजली विभाग को करोड़ों का नुकसान होने की आशंका है। 6.22 लाख पुराने मीटर जमा नहीं कराए उत्तर प्रदेश राज्य

Written By :

SK Sharma

Updated

September 3, 2025

Smart meter companies in UP

UP News: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने वाली मीटर निर्माता कंपनियों के खिलाफ एक बड़ा घोटाला सामने आया है। इन कंपनियों ने 6.22 लाख पुराने मीटर बिजली वितरण कंपनियों को जमा नहीं कराए, जिससे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। इस मामले में सीतापुर में एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि गोंडा और बलरामपुर में भी एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, गोंडा में मीटर रीडिंग शून्य करने की धांधली सामने आई है, जिससे बिजली विभाग को करोड़ों का नुकसान होने की आशंका है।

6.22 लाख पुराने मीटर जमा नहीं कराए

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने वाली कंपनियों ने 6.22 लाख पुराने मीटर जमा नहीं कराए हैं। इससे उपभोक्ताओं पर सही बिजली बिल न मिलने का खतरा मंडरा रहा है। वर्मा ने कहा, “लाखों उपभोक्ताओं को गलत बिलिंग का सामना करना पड़ सकता है। गोंडा में मीटर रीडिंग शून्य कर दी गई, जिससे बिजली विभाग को भारी नुकसान हो रहा है। अगर यह खेल जारी रहा तो पुराने मीटरों में दर्ज करोड़ों-अरबों यूनिट बिजली खपत की रीडिंग गायब हो जाएगी।”

उन्होने ने यह भी दावा किया कि मीटर निर्माता कंपनियों और बिजली विभाग प्रबंधन के बीच मिलीभगत की आशंका है। वर्मा ने कहा, “मीटरों के डिस्प्ले को जानबूझकर नुकसान पहुंचाकर रीडिंग मिटाई जा रही है। यह एक सोची-समझी साजिश है, लेकिन न तो कंपनियां और न ही प्रबंधन इस पर गंभीरता से ध्यान दे रहे हैं।” इस धांधली से न केवल उपभोक्ताओं को नुकसान हो रहा है, बल्कि बिजली विभाग की राजस्व व्यवस्था भी चरमरा गई है।

उपभोक्ता परिषद की मांग

अवधेश कुमार वर्मा ने मांग की कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की धांधली को रोका जा सके। उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना होगा।” परिषद ने बिजली विभाग से पुराने मीटरों की वसूली और सही बिलिंग सुनिश्चित करने की भी अपील की है।


ये भी पढ़ेंः-Viral Girl Monalisa: खूबसूरती’ बनी मुसीबत ! महाकुंभ छोड़ने को मजबूर हुई मोनालिसा

ये भी पढ़ें:-प्रेमी ने प्रेग्नेंट कर छोड़ा, मां-बाप ने घर से निकाला, मसीहा बने दारोगा ने खुशियों से भर दी झोली

(अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं…)