एक हुए बुआ-बबुआ,सीटों का फार्मूला तय,कांग्रेस बाहर

लखनऊ —  उत्तर प्रदेश में मोदी मैजिक की जड़ हिलाने के लिए बुआ-बबुआ यानी सपा व बसपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन और सीटों का बंटवारा कर रणनीति बना ली है। वहीं खबर आ रही है कि इस रणनीति में कांग्रेस को बाहर कर दिया गया है। कांग्रेस ने भले ही मध्य प्रदेश, राजस्थान के साथ छत्तीसगढ़ में अपनी सरकार बना ली है, लेकिन उत्तर प्रदेश में इसका कोई असर नहीं है। कम से कम गठबंधन में तो वह अभी भी हाशिए पर ही है। मिशन 2019 के लिए समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने कांग्रेस को

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December 19, 2018

लखनऊ —  उत्तर प्रदेश में मोदी मैजिक की जड़ हिलाने के लिए बुआ-बबुआ यानी सपा व बसपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन और सीटों का बंटवारा कर रणनीति बना ली है। वहीं खबर आ रही है कि इस रणनीति में कांग्रेस को बाहर कर दिया गया है।

कांग्रेस ने भले ही मध्य प्रदेश, राजस्थान के साथ छत्तीसगढ़ में अपनी सरकार बना ली है, लेकिन उत्तर प्रदेश में इसका कोई असर नहीं है। कम से कम गठबंधन में तो वह अभी भी हाशिए पर ही है। मिशन 2019 के लिए समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने कांग्रेस को गठबंधन में शामिल न करने का फैसला कर लिया है। लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में यह दोनों दल राष्ट्रीय लोकदल को गठबंधन में शामिल करते हुए भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।

यही नहीं इसके लिए सीटों का फार्मूला भी तय हो गया है। बसपा जहां 38 सीट पर वहीं सपा 37 और तीन पर रालोद चुनाव लड़ेगा।कांग्रेसी गढ़ माने जाने वाले रायबरेली और अमेठी संसदीय सीट पर गठबंधन का प्रत्याशी चुनाव नहीं लड़ेगा। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी अपने कोटे की कुछ और सीटें भी व्यक्ति विशेष या छोटे दलों को दे सकती है।

उल्लेखनीय है कि पिछले चुनाव में भाजपा ने अपना दल के साथ मिलकर जहां 73 सीटें जीती थी वहीं सपा पांच व कांगे्रस को दो सीटों पर ही सफलता मिली थी। बसपा एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। यद्यपि उप चुनाव में सपा दो और रालोद एक सीट, भाजपा से झटकने में कामयाब रही है।