दो साल पहले कैंसर ने छीन लिया था बेटे को, अब विज्ञान ने किया ये चमत्कार..

न्यूज़ डेस्क–कहते हैं विज्ञान के चमत्कार देखने में बड़े ही अचरज भरे होते हैं। इसका ताज़ा उदाहरण उस समय सामने आया जब एक मरे हुए इंसान के सीमन से जुड़वां बच्चे पैदा हुए। महाराष्ट्र के पुणे में एक युवक की जान कैंसर की वजह से चली गई लेकिन उसके स्टोर किए सीमन से दो बच्चे पैदा हुए हैं। उसका परिवार अब बहुत खुश है और डॉक्टरों का शुक्रिया अदा कर रहा है। हर मां की तरह राजश्री भी अपने बेटे प्रथमेश बहुत प्यार करती थीं। राजश्री पाटिल के 27 साल के बेटे प्रथमेश की मौत ब्रेन कैंसर की वजह से

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February 16, 2018

न्यूज़ डेस्क–कहते हैं विज्ञान के चमत्कार देखने में बड़े ही अचरज भरे होते हैं। इसका ताज़ा उदाहरण उस समय सामने आया जब एक मरे हुए इंसान के सीमन से जुड़वां बच्चे पैदा हुए। महाराष्ट्र के पुणे में एक युवक की जान कैंसर की वजह से चली गई

लेकिन उसके स्टोर किए सीमन से दो बच्चे पैदा हुए हैं। उसका परिवार अब बहुत खुश है और डॉक्टरों का शुक्रिया अदा कर रहा है। हर मां की तरह राजश्री भी अपने बेटे प्रथमेश बहुत प्यार करती थीं। राजश्री पाटिल के 27 साल के बेटे प्रथमेश की मौत ब्रेन कैंसर की वजह से हो गई थी। पाटिल को अपने बेटे से इतना ज्यादा लगाव था कि वे किसी भी कीमत पर अपने बेटे को वापस चाहती थीं।

राजश्री पाटिल ने अपने बेटे का सीमेन स्टोर करा दिया था। डॉक्टरों की मदद से सेरोगेसी के जरिए उसी सीमेन से जुड़वां बच्चे एक लड़का और एक लड़की उन्हें मिले हैं। इन बच्चों को उन्हीं की एक रिश्तेदार ने जन्म दिया है। पाटिल को इन बच्चों में अपना बेटा प्रथमेश दिखाई देता है। राजश्री पाटिल ने बच्चों को भगवान का उपहार बताया है और लड़के का नाम प्रथमेश रखा है। उन्होंने लड़की का नाम प्रीषा रखा है।

पाटिल ने कहा, “मुझे अपने बेटे से बेहद लगाव था, वो पढ़ाई में बहुत तेज था। वह जर्मनी के इंजीनियरिंग कॉलेज में मास्टर डिग्री की पढ़ाई करने के लिए गया हुआ था। जहां वो डॉक्टर से अपने ब्रेन कैंसर का इलाज करा रहा था। डॉक्टर ने प्रथमेश को कीमोथेरेपी के इलाज से पहले उसे अपने सीमेन को संरक्षित करने के लिए कहा था।”

प्रथमेश की मां कहती हैं कि उन्हें जरा सा भी एहसास नहीं था कि मेरा बेटा वापिस नहीं आएगा। प्रथमेश की एक बहन भी है जिनका नाम ज्ञानश्री है। राजश्री आगे कहती हैं, “मुझे पीरियड्स होने बंद हो गएं थे इसलिए मैं प्रेगनेंट नहीं हो सकती थी। फिर एक शादी-शुदा रिश्तेदार को मैंने सेरोगेट मां बनने के लिए कहा और उन्होंने मुझे तोहफे में दो जुड़वा बच्चे दिए।”