बालू खनन के लिए मोड़ दी नदी की धारा, बनाया अवैध बांध, प्रशासन मौन

बहराइच — तपेसिपाह गांव के निकट बालू खनन के ठेके की आंड़ में ठेकेदारों ने घाघरा नदी की धारा मोड़ने के लिए बांध बना दिया है। पानी रोक कर नदी में खनन करायी जा रही है। लेकिन तहसील व पुलिस प्रशासन मामले से अंजान बना हुआ है। ऐसे में इसी तरह खनन होता रहा तो नदी जल्द ही छिछली हो जाएगी। बता दें कि कैसरगंज तहसील के जरवलरोड थाना अंतर्गत ग्राम तपेसिपाह में घाघरा नदी की तलहटी में ग्राम समाज की जमीन पर बालू खनन का पट्टा दिया गया है। लेकिन इसके लिए रास्ता नहीं है। रास्ता न होने के

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October 12, 2018

बहराइच — तपेसिपाह गांव के निकट बालू खनन के ठेके की आंड़ में ठेकेदारों ने घाघरा नदी की धारा मोड़ने के लिए बांध बना दिया है। पानी रोक कर नदी में खनन करायी जा रही है।

लेकिन तहसील व पुलिस प्रशासन मामले से अंजान बना हुआ है। ऐसे में इसी तरह खनन होता रहा तो नदी जल्द ही छिछली हो जाएगी।

बता दें कि कैसरगंज तहसील के जरवलरोड थाना अंतर्गत ग्राम तपेसिपाह में घाघरा नदी की तलहटी में ग्राम समाज की जमीन पर बालू खनन का पट्टा दिया गया है। लेकिन इसके लिए रास्ता नहीं है। रास्ता न होने के कारण खनन ठेकेदारों ने घाघरा नदी की धारा को लकड़ी की बल्लियों और बालू की बोरियों से बांध बना दिया है। यह बांध पुलनुमा हो गया है। घाघरा नदी में पानी कम होने पर खनन ठेकेदार ने बालू की खदान को चलाने के लिए घाघरा नदी की बहती धारा को मोड़ने के लिए ऐसा कार्य किया है।

इससे घाघरा नदी जहां छलनी हो रही है, वहीं प्रशासन के रवैये पर भी सवाल उठ रहे हैं। इतना ही नहीं खनन ठेकेदार द्वारा सिंचाई विभाग के बंधे पर ओवरलोड ट्रक और ट्रैक्टर ट्राली निकाला जा रहा है। जिससे सिंचाई विभाग का 500 मीटर बंधा पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका है। लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अब नदी की धारा मोड़ने से घाघरा नदी अपनी दिशा बदल देगी। जिससे आने वाले समय में नदी के किनारे बसे गांवों के लिए संकट पैदा हो जाएगा। कटान दूसरे क्षेत्र में तेज शुरू हो जाएगी।

(रिपोर्ट-अनुराग पाठक,बहराइच)