नदी तैरकर गांव में पहुंचा बाघ, ग्रामीणों ने इस तरह बचाई जान

बहराइच–गेरुआ नदी पार कर कतर्निया गांव में बुधवार को जंगल से निकलकर एक बाघ पहुंच गया। गांव के लोगों ने घरों के किवाड़ बंद कर अपनी जान बचाई। लगभग एक घंटे तक बाघ इधर से उधर छलांग लगाता रहा। घर के अंदर कैद ग्रामीणों के शोर मचाने पर एसएसबी कैंप के जवानों ने हांका लगाना शुरू किया इस पर काफी देर बाद बाघ जंगल केी ओर गया। घटना से गांव के लोगों में दहशत है। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत कतर्नियाघाट गांव स्थित है। गांव के लोग घर में मौजूद थे। तभी जंगल से निकलकर एक बाघ

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admin

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August 11, 2018

बहराइच–गेरुआ नदी पार कर कतर्निया गांव में बुधवार को जंगल से निकलकर एक बाघ पहुंच गया। गांव के लोगों ने घरों के किवाड़ बंद कर अपनी जान बचाई। लगभग एक घंटे तक बाघ इधर से उधर छलांग लगाता रहा। घर के अंदर कैद ग्रामीणों के शोर मचाने पर एसएसबी कैंप के जवानों ने हांका लगाना शुरू किया इस पर काफी देर बाद बाघ जंगल केी ओर गया। घटना से गांव के लोगों में दहशत है।

कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत कतर्नियाघाट गांव स्थित है। गांव के लोग घर में मौजूद थे। तभी जंगल से निकलकर एक बाघ गांव में पहुंच गया। घर के बाहर मौजूद लोगों ने आनन फानन में घर में घुसकर जान बचाई। चीख पुकार मच गई। गनीमत यही रही कि गांव के सभी परिवार के लोग घरों मेें कैद हो गए। ग्रामीणों की चीख पुकार सुनकर सौ मीटर की दूरी पर स्थित कतर्नियाघाट एसएसबी कैंप के जवान मदद को आगे बढ़े लेकिन गांव में बाघ को उछलते देख सभी सहम गए।

एसएसबी के जवानों ने भी हांका लगाना शुरू किया। इसके बावजूद लगभग 1 घंटे तक बाघ गांव में उछलता कूदता रहा। बाघ के जंगल की ओर जाने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। वन अधिकारियों का कहना है ।  कि बाघ के गांव में पहुंचने की सूचना एसएसबी द्वारा मिली है। वन कर्मियों की टीम गठित कर कांबिंग करवाई जा रही है। लेकिन गांव के लोगों को सजग रहने की जरूरत है। उन्होने कहा कि गांव के लोगों को पटाखे बांटे गए हैं। बाघ के पुन: आने पर सामना करने के बजाए हाका लगाते हुए पटाखे दागने के निर्देश दिए गए हैं। घटना से गांव के लोग दहशत में हैं।

(रिपोर्ट-अनुराग पाठक, बहराइच)