विधवा को बमुश्किल मिला सरकारी आवास का पट्टा, अब बिल्डर छीनने पर आमादा

बाराबंकी — उतर प्रदेश में भले ही योगी सरकार ने एंटी भूमाफिया अभियान के तहत अवैध जमीनों पर हुए कब्जो को हटवा भूमाफियाओं पर बड़ी-बड़ी कार्रवाई हो लेकिन आज भी तमाम गरीब परिवार भूमाफियाओं से बहुत पीड़ित हैं। वजह हैं इन भूमाफियाओं के साथ पुलिस मिला होना। ताजा मामला बाराबंकी जिले के कोतवाली देवा स्थिति ढ़िढोरा गांव का हैं जहां एक विधवा महिला भूमाफियाओं से पीड़ित कोतवाली देवा और तहसील नवाबगंज से लेकर जिलाधकारी कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रही हैं। लेकिन उसकी सुनवाई करने वाला कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उसकी समस्या को सुनने को तैयार नही हालाकी अब उपजिलाधिकारी अजय

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November 12, 2018

बाराबंकी — उतर प्रदेश में भले ही योगी सरकार ने एंटी भूमाफिया अभियान के तहत अवैध जमीनों पर हुए कब्जो को हटवा भूमाफियाओं पर बड़ी-बड़ी कार्रवाई हो लेकिन आज भी तमाम गरीब परिवार भूमाफियाओं से बहुत पीड़ित हैं। वजह हैं इन भूमाफियाओं के साथ पुलिस मिला होना।

ताजा मामला बाराबंकी जिले के कोतवाली देवा स्थिति ढ़िढोरा गांव का हैं जहां एक विधवा महिला भूमाफियाओं से पीड़ित कोतवाली देवा और तहसील नवाबगंज से लेकर जिलाधकारी कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रही हैं। लेकिन उसकी सुनवाई करने वाला कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उसकी समस्या को सुनने को तैयार नही हालाकी अब उपजिलाधिकारी अजय द्विवेदी ने पूरे मामले की जाँच तहसीलदार को सौंपने की बात कर रहे है। 

दरअसल बाराबंकी के देवां स्थित ढिंढोरा गांव में विधवा शकीला बानो एक झोपड़ी में अपने परिवार के साथ किसी तरह गुजर- बसर करती हैं। कई सालों तक उन्हें  सरकार की तरफ से किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला। उज्ज्वला योजना में भले ही ज्यादातर परिवारों को गैस सिलिंडर मिल गया हो, लेकिन शकीला बानो अभी भी चूल्हे पर ही खाना बनाने को मजबूर हैं। उनकी रसोई तक सरकार की उज्ज्वला योजना अभी तक नहीं पहुंची। इसी तरह झोपड़ी में रहने के बावजूद उन्हें कई सालों तक सरकारी आवास या पट्टा भी नहीं मिला। लेकिन अभी कुछ साल पहले उन्हें सरकारी जमीन का एक पट्टा सरकार ने आवास के लिए दिया।

उस पट्टे पर वह छोटी-छोटी रकम जोड़कर किसी तरह अपना घर बनाना चाहती हैं, लेकिन अब बड़े-बड़े लोग उनकी जमीन पर नजर गड़ाए हुए हैं। प्रॉपर्टी डीलर जबरन सरकारी पट्टे वाली जमीन पर  कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। विधवा  कभी जिलाधिकारी कार्यालय के चक्कर लगाती है तो कभी उप जिलाधिकारी कार्यालय के और कभी पुलिस चौकी के,  लेकिन दर-दर भटकने के बाद भी न्याय की उम्मीद नाउम्मीदी में ही तब्दील हो रही है।

पुलिस ने ही दिलाया पट्टा अब दबाव बना रही 

शकीला बानो कहती हैं कि जो सरकारी पट्टा उनके नाम है उस पट्टे पर पुलिस ने ही पहले कब्जा दिलाया था, लेकिन अब पुलिस भी प्रॉपर्टी डीलर के पक्ष में ही खड़ी हुई हमेशा नजर आती है। जरा सी बात पर भी पुलिस घर पर पहुंच जाती है और धमकाती है। जब थाने पर शिकायत करने आती हूं तो वहां भी सुनवाई के बजाय चिल्लाना शुरू कर देते हैं। अब जिलाधिकारी बाराबंकी और नवाबगंज के उपजिलाधिकारी से शिकायत दर्ज कराई है। उम्मीद है कि उप जिलाधिकारी अजय द्विवेदी हमारे मामले पर जरूर ध्यान देंगे और मेरा कब्जा प्रॉपर्टी डीलरों के नाम नहीं होने देंगे।

उधर पूरे मामले पर नवाबगंज के उपजिलाधिकारी (आईएएस) अजय द्विवेदी का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच तहसीलदार को सौंपी गई है। जांच पूरी होते ही कार्रवाई की जाएगी। किसी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

(रिपोर्ट-सतीश कश्यप,बाराबंकी)