जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

नई दिल्ली– जम्मू-कश्मीर में पीपल्स डेमोक्रैटिक पार्टी(पीडीपी) और भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) की गठबंधन सरकार गिरने के 24 घंटे के अंदर राज्यपाल शासन लग गया है। केंद्रीय कैबिनेट की सिफारिश पर बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मुहर लगाते हुए राज्य में राज्यपाल शासन की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में अगले छह महीने की अवधि के लिए राज्यपाल शासन लागू हो गया है। इस बीच राज्यपाल एनएन वोहरा का कार्यकाल 25 जून को समाप्त हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक किसी नए चेहरे को जिम्मेदारी देने के बजाए उन्हीं को अगला कार्यकाल मिल सकता है। इससे पहले

Written By :

admin

Updated

June 20, 2018

नई दिल्ली– जम्मू-कश्मीर में पीपल्स डेमोक्रैटिक पार्टी(पीडीपी) और भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) की गठबंधन सरकार गिरने के 24 घंटे के अंदर राज्यपाल शासन लग गया है। केंद्रीय कैबिनेट की सिफारिश पर बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मुहर लगाते हुए राज्य में राज्यपाल शासन की मंजूरी दे दी है।

इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में अगले छह महीने की अवधि के लिए राज्यपाल शासन लागू हो गया है। इस बीच राज्यपाल एनएन वोहरा का कार्यकाल 25 जून को समाप्त हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक किसी नए चेहरे को जिम्मेदारी देने के बजाए उन्हीं को अगला कार्यकाल मिल सकता है। इससे पहले मंगलवार दोपहर सवा दो बजे के करीब दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी ने पीडीपी से गठबंधन तोड़ने का ऐलान करते हुए महबूबा मुफ्ती सरकार से समर्थन वापस ले लिया था।

बीजेपी महासचिव राम माधव ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और जम्मू-कश्मीर बीजेपी के नेताओं के साथ बैठक के बाद यह घोषणा की। राम माधव ने कहा कि महबूबा मुफ्ती राज्य के हालात संभालने में नाकाम रहीं और देशहित में बीजेपी ने सरकार से अलग होने का फैसला लिया है।

राम माधव, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और जम्मू बीजेपी के दूसरे नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समर्थन वापसी के फैसले का ठीकरा महबूबा मुफ्ती पर फोड़ा। बीजेपी नेताओं ने महबूबा पर आतंकवाद रोक पाने में असफल होने का आरोप लगाया। बीजेपी ने कहा कि उनकी तरफ से राज्य के तीनों क्षेत्र के विकास के लिए कोशिश की गई। जम्मू, लद्दाख और कश्मीर क्षेत्र के समान विकास के लिए केंद्र ने पूरा सहयोग दिया पर राज्य सरकार द्वारा जम्मू और लद्दाख क्षेत्र के साथ भेदभाव किया गया।