‘मोदी सरकार का अन्तिम बजट भी लच्छेदार बातों वाला छलावा’- मायावती

लखनऊ– उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने गुरुवार को संसद में पेश मोदी सरकार के केन्द्रीय बजट को गतवर्षों की तरह ही केवल लच्छेदार बातों वाला छलावा बताते हुये कहा कि… -‘प्रधानमंत्री मोदी को अपनी जुमलेबाजी बन्द करके तथ्यों व तर्कों के आधार पर यह ज़रूर बताना चाहिये कि कहाँ है वह अच्छे दिन जिसका वायदा उन्होंने देश की सवा सौ करोड़ जनता से सीना तानकर चुनाव के समय किया था और अगर ऐसा नहीं हैं तो अपने भ्रामक व वादाख़िलाफी के लिये उन्हें देश से माफी माँगनी चाहिये। ‘ केन्द्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये मायावती

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February 1, 2018

लखनऊ– उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने गुरुवार को संसद में पेश मोदी सरकार के केन्द्रीय बजट को गतवर्षों की तरह ही केवल लच्छेदार बातों वाला छलावा बताते हुये कहा कि…

-‘प्रधानमंत्री मोदी को अपनी जुमलेबाजी बन्द करके तथ्यों व तर्कों के आधार पर यह ज़रूर बताना चाहिये कि कहाँ है वह अच्छे दिन जिसका वायदा उन्होंने देश की सवा सौ करोड़ जनता से सीना तानकर चुनाव के समय किया था और अगर ऐसा नहीं हैं तो अपने भ्रामक व वादाख़िलाफी के लिये उन्हें देश से माफी माँगनी चाहिये। ‘

केन्द्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये मायावती ने अपने बयान में कहा कि केवल अलंकृत भाषणों व लच्छेदार बातों से ग़रीबों व मेहनतकश जनता का पेट नहीं भरने वाला है बल्कि श्री मोदी सरकार द्वारा अब तक जो भी दावे किये गये हैं या फिर जितने भी वायदे किये गये हैं उस सम्बन्ध में एक जिम्मेदार व जवाबदेह सरकार की तरह उनकी सत्यता का वास्तविकताओं का लेखा-जोखा भी जनता की संतुष्टि के लिये जरूर ही बताना चाहिये, जो कि अब तक नहीं किया गया है और केवल हवा-हवाई बयानबाजी ही की गयी है।

साथ ही आज जो बजट मोदी सरकार ने संसद में पेश किया है वह वास्तविक भारत के हितों की रक्षा करने वाला बजट नहीं है क्योंकि आज असली युवा व ग्रामीण भारत को सबसे ज़्यादा सम्मानजनक जीवन जीने के लिये उसकी अपनी क्षमता के अनुसार बेहतर रोजगार के अवसर मुहैया कराने की ज़रूरत है, ’’पकोड़ा बेचकर’’ रोज़गार अर्जित करने के सरकारी सुझाव की नहीं है। करोडों शिक्षित बेरोज़गार लोग बहुत ही मजबूरी में पहले से ही पकोड़ा व चाय बेचने वाला काम कर रहे हैं, जो कि उनकी कौशलता के हिसाब से बिल्कुल भी सही व न्यायोचित नहीं है। यह श्री मोदी सरकार की विफलता का जीता-जागता प्रमाण है।