मगरमच्छ का निवाला बनते-बनते बचा युवक,10 मिनट तक किया संघर्ष 

बहराइच — सदर बीट के कुरकुरी कुंआ गांव निवासी एक ग्रामीण युवक नित्यक्रिया के लिए सरयू नहर के तट पर गया था। जब वह शौंच कर रहा था। तभी नहर से निकले मगरमच्छ ने युवक के बायें पैर को नोंच लिया। युवक ने 10 मिनट मगरमच्छ से संघर्ष किया। तब जाकर मगरमच्छ ने युवक को छोड़ा। आसपास के लोगों की मदद से उसे पीएचसी पहुंचाया गया। यहां से सीएचसी मोतीपुर रेफर कर दिया गया है। सूचना के बाद भी वनकर्मी गांव नहीं पहुंचे हैं।  कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत सदर बीट के कुरकुरीकुआं गांव निवासी हरेंद्र कुमार

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July 3, 2018

बहराइच — सदर बीट के कुरकुरी कुंआ गांव निवासी एक ग्रामीण युवक नित्यक्रिया के लिए सरयू नहर के तट पर गया था। जब वह शौंच कर रहा था। तभी नहर से निकले मगरमच्छ ने युवक के बायें पैर को नोंच लिया।

युवक ने 10 मिनट मगरमच्छ से संघर्ष किया। तब जाकर मगरमच्छ ने युवक को छोड़ा। आसपास के लोगों की मदद से उसे पीएचसी पहुंचाया गया। यहां से सीएचसी मोतीपुर रेफर कर दिया गया है। सूचना के बाद भी वनकर्मी गांव नहीं पहुंचे हैं। 

कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत सदर बीट के कुरकुरीकुआं गांव निवासी हरेंद्र कुमार (३५) पुत्र भगवान सोमवार सुबह नित्यक्रिया के बाद शौंच के लिए सरयू नहर के तट पर गया था। युवक ने जैसे ही नीचे पैर किया। इसी दौरान नहर से निकले मगरमच्छ ने युवक के दाहिने पैर को दबोच लिया। युवक ने पास में पड़े डंडे से 10 मिनट संघर्ष किया। इसके बाद मगरमच्छ उसे छोड़कर नहर में गया। मगरमच्छ के नहर में जाने पर युवक ने शोर मचाया। 

आसपास के लोग मौके पर एकत्रित हुए। सभी ने घायल हरेंद्र को पीएचसी सुजौली पहुंचाया। यहां पर हालत गंभीर होने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर रेफर कर दिया। हरेंद्र के पिता भगवान ने घटना की सूचना रेंज कार्यालय पर दी। प्रार्थना पत्र भी दिया। लेकिन कोई भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है। इससे ग्रामीणों में रोष है। सभी का कहना है कि सदर बीट की चौकी व रेंज कार्यालय के अधिकारी शिथिलता बरत रहे हैं। घायलों को मुआवजा तक नहीं दिया जा रहा है। 

(रिपोर्ट-अमरेंद्र पाठक,बहराइच)