SSP की नई पहल, अब स्कूलों में आयोजित होगी ‘पुलिस पाठशाला’

एटा– एटा में एसएसपी आशीष तिवारी ने जनपद में एक नयी पहल शुरू की है जिसमे स्कूलो में पुलिस पाठशाला का आयोजन करा कर छात्र- छात्राओं को जीवन में आगे बढ़ने के लिए नए नए टिप्स दिए जा रहे है।  उसी क्रम में आज अलीगंज में आर.डी.आवासीय इण्टर कालेज में एसएसपी आशीष तिवारी की पहल पर पुलिस पाठशाला का आयोजन किया गया। आयोजित पुलिस की पाठशाला में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों को टिप्स दिए।  वैसे तो जनपद में एसएसपी आशीष तिवारी पुलिस विभाग से हटकर नए नए काम करते रहते है। उसी क्रम में उन्होंने जनपद के स्कूलों में

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December 3, 2018

एटा– एटा में एसएसपी आशीष तिवारी ने जनपद में एक नयी पहल शुरू की है जिसमे स्कूलो में पुलिस पाठशाला का आयोजन करा कर छात्र- छात्राओं को जीवन में आगे बढ़ने के लिए नए नए टिप्स दिए जा रहे है। 

उसी क्रम में आज अलीगंज में आर.डी.आवासीय इण्टर कालेज में एसएसपी आशीष तिवारी की पहल पर पुलिस पाठशाला का आयोजन किया गया। आयोजित पुलिस की पाठशाला में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों को टिप्स दिए। 

वैसे तो जनपद में एसएसपी आशीष तिवारी पुलिस विभाग से हटकर नए नए काम करते रहते है। उसी क्रम में उन्होंने जनपद के स्कूलों में पुलिस पाठशाला भी शुरू कर दी है। इसलिए आज जनपद एटा के अलीगंज तहसील क्षेत्र में स्थित आर.डी. आवासीय इण्टर कालेज में पाठशाला को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने कहा कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती, उन्होंने कहा कि सफलता पाने के लिए बच्चों को एक लक्ष्य बनाकर उस पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने अपने छात्र जीवन के बारे में छात्र-छात्राओं को बताया कि वह किस प्रकार इस लक्ष्य तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि मैं एक सरकारी स्कूल में पढ़ाई की। जब हमने सरकारी स्कूल में पढ़कर यह मुकाम हासिल किया तो आप तो प्राईवेट विद्यालय में पढ़ रहे हैं, आप कहां तक जाएंगे। छात्रों से संवाद के दौरान एसएसपी द्वारा उन्हें अपना टारगेट तय करने के साथ कठिन मेहनत करें तो कोई भी टारगेट प्राप्त किया जा सकता है। असफलता यह सिद्व करती है कि हमने सफलता के लिए पूर्ण प्रयास नहीं किया इसलिए सफलता प्राप्ति के लिए पूरे मनोयोग से प्रयास करना चाहिए। जीवन पर्यन्त सफलता के लिए आपका व्यवहार महत्वपूर्ण है। 

वही संवाद के दौरान स्कूली छात्राओं ने आगे बढ़ कर एसएसपी से भी तीखे सवाल किये उन्होंने पूछा कि जब हम कभी थाने जाते है तो वहाँ पर मौजूद पुलिस पहले ये देख लेती है कि इस के पास कितने रुपये है। तब बात करती है और यदि उसको रुपये दे दिए जाते है तो उसका काम तुरंत कर दिया जाता है और यदि उसे रुपये नहीं दिए जाते तो उसके काम को रोक दिया जाता है ऐसा क्यों होता है। इसके जवाब में एसएसपी ने कहा ऐसा अब नहीं होगा। 

(रिपोर्ट- आर. बी. द्विवेदी, एटा )