बगावत करने वाले सपा के 3 नेताओं पर गिरेगी गाज

न्यूज डेस्क — समाजवादी पार्टी चल रही तकरार लगातार जारी है। अखिलेश यादव के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद से पार्टी में दो धड़े बन चुके हैं। इसका साफ़ झलक बीते 2 चुनावों में देखने को मिला चुका है। कई मौकों पर सपा में चल रही अंदूरुनी कलह सड़क पर दिखाई देने लगती है।  इसी कड़ी में सपा से बगावत करने वाले जिला पंचायत सदस्यों में तीन पर कार्यवाई किये जाने की चर्चाएँ हो रहे है। इस संबंध में सपा के जिला नेतृत्व ने कुछ दिन पहले अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश हाईकमान को भेज दी है। इस मामले पर आख़िरी

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February 9, 2018

न्यूज डेस्क — समाजवादी पार्टी चल रही तकरार लगातार जारी है। अखिलेश यादव के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद से पार्टी में दो धड़े बन चुके हैं। इसका साफ़ झलक बीते 2 चुनावों में देखने को मिला चुका है। कई मौकों पर सपा में चल रही अंदूरुनी कलह सड़क पर दिखाई देने लगती है।

 इसी कड़ी में सपा से बगावत करने वाले जिला पंचायत सदस्यों में तीन पर कार्यवाई किये जाने की चर्चाएँ हो रहे है। इस संबंध में सपा के जिला नेतृत्व ने कुछ दिन पहले अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश हाईकमान को भेज दी है। इस मामले पर आख़िरी फैसला अब राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेना है।

दरअसल सपा जिला पंचायत सदस्यों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने के अगले दिन अध्यक्ष निर्मला सिंह अविश्वास प्रस्ताव के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट से स्टे ले आए। इसके 13 दिन बाद हुई सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में याचिका खारिज हो गई। 

वहीं सुप्रीम कोर्ट द्वारा विशेष अनुमति याचिका खारिज होने के बाद बांदा में जिला पंचायत अध्यक्ष निर्मला सिंह की कुर्सी जानी की संभावना बढ़ गयी है। इस खबर के बाद से जहाँ भाजपा वालें खुशियाँ मना रहे हैं तो वहीँ सपा में अंदरूनी घमासान फिर से तेज हो गयी है। इस रार को खत्म करने के लिए सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल स्वयं गये थे मगर उनकी कोशिशों के बाद भी खुद सपा के कई जिला पंचायत सदस्यों में अपनी पार्टी की अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में वोट किया है। इस तरह भाजपा का अध्यक्ष पद पर कब्ज़ा करना आसान हो गया है।