सरकार का बड़ा फैसला, बिना परीक्षा दिये इस बार प्रमोट नहीं होंगे छात्र

.प्रदेश सरकार ने इस बार कक्षा एक से लेकर 12वीं तक के सभी 1.5 करोड़ छात्रों को बिना परीक्षा प्रमोट न करने का फैसला किया है. इसके चलते पैरेंट्स की जिम्मेदारी बढ़ गई है.

Written By :

SK Sharma

Updated

November 20, 2020

देश में फैली कोरोना महामारी के वजह से फिलहा सभी स्कूल बंद चल रही हैं.प्रदेश सरकार ने इस बार कक्षा एक से लेकर 12वीं तक के सभी 1.5 करोड़ छात्रों को बिना परीक्षा प्रमोट न करने का फैसला किया है. इसके चलते पैरेंट्स की जिम्मेदारी बढ़ गई है.

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30 नंवबर तक बंद रहेंगे स्कूल…

दरअसल कोरोना के कारण राजस्थान में सभी स्कूल बंद हैं. गहलोत सरकार ने 30 नंवबर तक स्कूल बंद रखने का फैसला किया है. स्कूल खोलने को लेकर दिसंबर के पहले सप्ताह में सरकार फिर समीक्षा करेगी और देखेगी कि कोरोना वायरस कम हुआ तो स्कूल खोले जा सकते हैं या नहीं.

गहलोत सरकार का बड़ा फैसला, बिना परीक्षा दिये इस बार प्रमोट नहीं होंगे छात्र

जबकि सरकार ने यह साफ कर दिया है कि इस साल जीरो सेशन नहीं होगा. इस सिलसिले में कक्षा 1 से 9 और 11वीं के छात्रों को बिना परीक्षा क्रमोन्नत  नहीं किया जाएगा. कक्षा 10 और 12वीं की बोर्ड परीक्षा हर हाल में आयोजित होगी.

 

पहली से बारहवीं तक सभी कक्षाओं की इस सत्र में परीक्षा होगी. शिक्षा विभाग ने स्टूडेंट्स के लिए ‘आओ घर में सीखे’ अभियान भी प्रारंभ कर दिया है. इसी के तहत सरकार की ओर से छात्रों को वीडियो भी भेजे जा रहे हैं और उसके आधार पर ही कार्य पुस्तिकाएं दी जा रही है.

1 से 9 और 11वीं के छात्र नहीं होंगे प्रमोट

शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा कहना है कि सरकार स्टूडेंट्स को पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए अभियान शुरू कर चुकी है ताकि बच्चे घर पर ही बैठ कर पढ़ाई कर सकें. इस साल सरकार का कक्षा 1 से 9 और 11वीं के छात्रों को बिना परीक्षा प्रमोट करने का कोई इरादा नहीं है.

गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि अगर कोविड-19 धीमा पड़ता है तो सरकार स्कूल खोल सकती है. लेकिन जिस तरह से सर्दी बढ़ने के साथ ही कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं उसके चलते फिलहाल स्कूल खुलने की संभावना नहीं दिख रही है.

इन छात्रों को होगी परेशानी…

ऐसे में परेशानी उन छात्रों को आने वाली है जिनके पास ऑनलाइन पढ़ाई के लिए कोई साधन नहीं है. शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वह छात्रों की पढ़ाई उसी तरह से कराएं जैसे पहले कराई जा रही थी.

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