रघुराम राजन बन सकते है ‘बैंक ऑफ इंग्लैंड’ के नए गवर्नर

न्यूज डेस्क– रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन अब एक नई नौकरी की रेस में भागीदारी लेने जा रहे है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के नए गवर्नर पद की दौड़ में शामिल होने वाली संभावित हस्तियों में रघुराम राजन भी हैं। यह भारत के रिजर्व बैंक की ही तरह  ब्रिटेन का केंद्रीय बैंक है। लंदन के प्रमुख अखबार फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन की सरकार ने बैंक ऑफ इंग्लैंड के नये गवर्नर की तलाश शुरू कर दी है। नए गवर्नर अगले साल से कार्यभार संभालेंगे। ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक के मौजूदा गवर्नर मार्क कार्ने का कार्यकाल जून 2019

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April 24, 2018

न्यूज डेस्क– रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन अब एक नई नौकरी की रेस में भागीदारी लेने जा रहे है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के नए गवर्नर पद की दौड़ में शामिल होने वाली संभावित हस्तियों में रघुराम राजन भी हैं। यह भारत के रिजर्व बैंक की ही तरह  ब्रिटेन का केंद्रीय बैंक है।

लंदन के प्रमुख अखबार फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन की सरकार ने बैंक ऑफ इंग्लैंड के नये गवर्नर की तलाश शुरू कर दी है। नए गवर्नर अगले साल से कार्यभार संभालेंगे। ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक के मौजूदा गवर्नर मार्क कार्ने का कार्यकाल जून 2019 को समाप्त हो रहा है। कार्ने ने 2013 में कार्यभार संभाला और वे बीते तीन दशकों में इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले विदेशी हैं।

दो भारतीय दौड़ में

ब्रिटेन के वित्तमंत्री फिलिप हेमंड ने अब संकेत दिया है कि कार्ने के उत्तराधिकारी की तलाश जारी है और अगला गवर्नर भी विदेशी हो सकता है। अखबार के अनुसार संभावित दावेदारों में भारतीय मूल की ही एक और हस्ती सृष्टि वाडेरा भी शामिल है।

अखबार में छपी खबर के मुताबिक मेक्सिको के केंद्रीय बैंक के प्रमुख व बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के नए महाप्रबंधक ऑस्टिन कार्स्टन्स के बजाए शिकागो के अति सम्मानित अर्थशास्त्री और आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को आकृष्ट करना एक अप्रत्याशित कदम होगा। रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटिश चांसलर व एक्सचेकर (वित्त मंत्री) फिलिप हेमंड बीओई के गवर्नर मार्क कार्ने की जगह 2019 में नए गवर्नर के चयन की प्रक्रिया आरंभ कर रहे हैं।

हेमंड के बयान से जाहिर है कि वह देश से बाहर कार्ने के वारिस की खोज कर रहे हैं और वह ऐसी शख्सियत की तलाश में हैं, जो वैश्विक स्तर पर अपना प्रभाव बना सकता है, क्योंकि ब्रिटेन ब्रेक्जिट के लिए तैयार है। राजन इस समय शिकागो यूनिवर्सिटी के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर हैं। वह सिंतबर 2013 से लेकर सिंतबर 2016 तक आरबीआई के गवर्नर थे। राजन आईएमएफ और बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटलमेंट्स को भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।