यूपी के सरकारी स्कूलों में भी अब होगी पैरेंट्स मीटिंग

लखनऊ — उत्‍तर प्रदेश के स्‍कूलों में भी जल्द पैरेंट्स-टीचर मीटिंग नजर आने वाली है.सुनने में भले ही थोड़ा अजीब लगे पर ये सच है.दरअसल निजी स्‍कूलों में पैरेंट्स-टीचर मीटिंग बहुत सामान्‍य बात है. सभी निजी स्‍कूलों में इसका आयोजन होता है. इसके जरिये शिक्षक और अभिभावक, छात्र को लेकर अपनी बात एक दूसरे से कह पाते हैं और अपनी उम्‍मीदों के बारे में बता पाते हैं और छात्र को समझने में आसानी होती है. सरकारी स्‍कूलों में पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग जैसी व्‍यवस्‍था देखने को नहीं मिलती. लेकिन अब आपको जल्‍द ही ऐसी व्‍यवस्‍था उत्‍तर प्रदेश के स्‍कूलों में भी नजर

Written By :

SK Sharma

Updated

January 1, 2020

लखनऊ — उत्‍तर प्रदेश के स्‍कूलों में भी जल्द पैरेंट्स-टीचर मीटिंग नजर आने वाली है.सुनने में भले ही थोड़ा अजीब लगे पर ये सच है.दरअसल निजी स्‍कूलों में पैरेंट्स-टीचर मीटिंग बहुत सामान्‍य बात है. सभी निजी स्‍कूलों में इसका आयोजन होता है. इसके जरिये शिक्षक और अभिभावक, छात्र को लेकर अपनी बात एक दूसरे से कह पाते हैं और अपनी उम्‍मीदों के बारे में बता पाते हैं और छात्र को समझने में आसानी होती है. सरकारी स्‍कूलों में पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग जैसी व्‍यवस्‍था देखने को नहीं मिलती. लेकिन अब आपको जल्‍द ही ऐसी व्‍यवस्‍था उत्‍तर प्रदेश के स्‍कूलों में भी नजर आने वाली है.

उत्तर प्रदेश में सरकारी प्राथमिक और उच्च-प्राथमिक विद्यालय, नए साल में अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) आयोजित करने की प्रथा शुरू कर रहे हैं. आधिकारियों के अनुसार जनवरी, अप्रैल, जुलाई और अक्‍टूबर के दूसरे सोमवार को पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग होगी. अगर दूसरे सोमवार को छुट्टी है तो अगले दिन अभिभावक-शिक्षक बैठक होगी. अभिभावकों को इसकी सूचना मीटिंग से दो दिन पूर्व मिल जाएगी. स्‍कूल के प्रमुख छात्रों के नोटबुक में PTM के बारे में लिखित जानकारी देंगे. इसके साथ ही अधिकारियों ने कहा कि PTM में सभी शिक्षकों की मौजूदगी अनिवार्य होगी.

इसकी शुरुआत बरेली के प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्‍कूल से हो रही है, जहां जनवरी में पीटीएम आयोजित की जा रही है. इस बारे में सभी शिक्षकों को नोटिस दे दिया गया है. फरवरी में स्‍कूल अपना अनुवल फंगशन आयोजित करेंगे. अभिभावक-शिक्षक बैठकों (PTM) में, शिक्षकों को छात्रों की उपस्थिति के महत्व के बारे में माता-पिता को सूचित करने के लिए कहा गया है और स्कूल के उच्च छोड़ने की दर पर शिक्षा के महत्व पर भी चर्चा की है.

मीटिंग में छात्रों के व्‍यवहार के बारे में भी बातें होंगी. यहां तक कि अगर परिवार में कोई समस्‍या है तो उसके बारे में भी माता-पिता, शिक्षकों से बात कर सकते हैं.