गरीबी बनी अभिशाप, मां के अंतिम संस्कार के लिए मासूमों ने मांगी भीख

हाथरस–गरीबी वाकई अभिशाप है। यूपी के हाथरस शहर में एक गरीब परिवार के साथ हुआ वाकया तो यही बताता है। यहां झोलाछाप डॉक्टरो के इलाज से प्रसव के दौरान एक गरीब जच्चा और उसके बच्चा की मौत हो गयी है।  माँ की मौत के बाद उसका दाह संस्कार करने के लिए उसके तीन मासूमो बच्चों को चंदा करना पड़ा है। इस मामले में प्रशासन का कहना है कि महिला का उसके पड़ोसियों के सहयोग से दाह -संस्कार हुआ है। एसडीएम का कहना है कि इस गरीब परिवार की शासन से जो भी सहायता हो सकती होगी वह कराई जाएगी।  मामला

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November 26, 2018

हाथरस–गरीबी वाकई अभिशाप है। यूपी के हाथरस शहर में एक गरीब परिवार के साथ हुआ वाकया तो यही बताता है। यहां झोलाछाप डॉक्टरो के इलाज से प्रसव के दौरान एक गरीब जच्चा और उसके बच्चा की मौत हो गयी है। 

माँ की मौत के बाद उसका दाह संस्कार करने के लिए उसके तीन मासूमो बच्चों को चंदा करना पड़ा है। इस मामले में प्रशासन का कहना है कि महिला का उसके पड़ोसियों के सहयोग से दाह -संस्कार हुआ है। एसडीएम का कहना है कि इस गरीब परिवार की शासन से जो भी सहायता हो सकती होगी वह कराई जाएगी। 

मामला यूपी के हाथरस शहर के कांशीराम टाउनशिप के पास का है। यहां शनिवार को प्रसव के दौरान मरी महिला का नाम उर्मिला देवी है। दो झोलाछाप महिला डॉक्टरो के इलाज से प्रसव के दौरान इस महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हुई है। बच्चो की पड़ोसिन महिला ने जानकारी देते हुए बताया है कि इन बच्चो का पिता विवेक कुमार जेल में बंद है। उसने यह भी बताया है कि मृतका के दाह संस्कार के लिए चंदा किया जा रहा है और उसकी मौत इलाज के दौरान हुई है। उधर दोनों आरोपी झोलाछाप महिलाएं मामले से भिज्ञ है लेकिन अपनी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है। 

इस मामले का पता स्थानीय प्रशासन को भी है। सदर तहसील के एसडीएम का कहना है कि महिला की डिलीवरी के दौरान मौत हुई है और इसका शनिवार को अंतिम संस्कार हुआ था। उनका कहना है कि इस गरीब परिवार की महिला का दाह संस्कार बच्चों के भीख मांगने से नहीं हुआ है। ऐसा पड़ौसी लोगों के सहयोग से हुआ है। उन्होंने लेखपाल को भेजा था। ईओ से भी जाँच कराई जा रही है। शासन से जो भी सहायता इस गरीब परिवार की होगी कराई जाएगी। 

(रिपोर्ट-सूरज मौर्या, हाथरस )