‘अचार वाली आंटी’ ने इस तरह दिलाया महिलाओं को स्वरोजगार

औरैया– महिला सशक्तिकरण की एक उम्दा तस्वीर इस समय औरेया के जैतापुर गांव में देखने को मिल रही है। जहाँ अचार वाली आंटी ने गांव की गरीब महिलाओं का स्वयं सहायता समूह बनाकर उन्हें हुनरमंद बनाया और स्वरोजगार के माध्यम से अपने साथ-साथ अपने परिवार को खुशहाल बना लिया। बात सत्रह साल पहले की है जब औरैया ब्लॉक के जैतापुर गाँव की रहने वाली मनोरमा शुक्ला आर्थिक तंगी से जूझ रही थी। धन के अभाव में बच्चों को पढ़ाना मुश्किल होता जा रहा था।इसी दौरान गांव में कृषि विविधीकरण की टीम गांव में आई और स्वरोजगार के वारे में लोगों

Written By :

admin

Updated

May 2, 2018

औरैया– महिला सशक्तिकरण की एक उम्दा तस्वीर इस समय औरेया के जैतापुर गांव में देखने को मिल रही है। जहाँ अचार वाली आंटी ने गांव की गरीब महिलाओं का स्वयं सहायता समूह बनाकर उन्हें हुनरमंद बनाया और स्वरोजगार के माध्यम से अपने साथ-साथ अपने परिवार को खुशहाल बना लिया।

बात सत्रह साल पहले की है जब औरैया ब्लॉक के जैतापुर गाँव की रहने वाली मनोरमा शुक्ला आर्थिक तंगी से जूझ रही थी। धन के अभाव में बच्चों को पढ़ाना मुश्किल होता जा रहा था।इसी दौरान गांव में कृषि विविधीकरण की टीम गांव में आई और स्वरोजगार के वारे में लोगों को बेहतर ढंग से समझाया।जिससे मनोरमा शुक्ला ने ठान लिया कि वह स्वरोजगार के माध्यम से अपनी जीवन शैली को बदल के रहेगी।

शुरुआत में मनोरमा शुक्ला ने आम के अचार की विधि सीखकर उसे बनाया और शहर में एक छोटा सा स्टॉल लगाकर बिक्री की जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा प्राप्त हुआ।धीरे धीरे मनोरम के अचार की डिमांड बढ़ गयी तो उन्होंने गाँव की गरीब महिलाओं को अपने साथ जोड़ा और माँ दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह बनाकर अपने अचार का प्रोडक्शन का विस्तार किया और जो माल स्वयं सहायता समूह में बनता उसे सरकारी कृषि मेलें या सरकारी विभाग द्वारा लगाये जाने वाले कार्यक्रमों में महिलाएं अपने अचार को बेचने का काम करती और अच्छा मुनाफा कमाती। 

300 रुपये से शुरू हुआ मनोरमा शुक्ला और उनके सहयोगियों का रोजगार अब प्रतिमाह 10 लाख तक पहुँच गया है।इसमें लगभग चार हजार महिलाएं रोजगार पा चुकी है और अपने पैरों पर खड़ी होकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रही है।

आलम यह है कि अब माँ दुर्गा स्वयं सहायता समूह के द्वारा बनाये गए अचार की डिमांड शहर के अलावा प्रदेश के कई बड़े शहरों सहित राजधानी लखनऊ में भी है। स्वयं सहायता समूह की मेहनत और लगन को देखते हुए सरकार ने भी उनका समय समय पर सहयोग कर उत्साहवर्धन किया और लखनऊ,दिल्ली जैसे शहरों में इन्हें अपने प्रोडक्ट के प्रमोशन के लिए जगह उपलब्ध कराई।

माँ दुर्गा सहायता समूह के द्वारा लगाये गए लखनऊ में स्टॉल पर जब तत्कालीन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव निरीक्षण करते हुए पहुंचे तो अचार की ब्रांडिंग को देखकर टेस्ट करने की इच्छा जताई और जब उन्होंने उस अचार का स्वाद लिया तो दिल से तारीफ की साथ ही इस समूह को सम्मानित भी किया।

लगातार सत्रह सालों से क्षेत्र की महिलाओं को स्वरोजगार के लिये प्रेरित करने वाली मनोरमा शुक्ला को अब लोग अचार वाली आंटी के नाम से पुकारते है।अचार वाली आंटी अब अचार के अलावा अच्छी गुणवत्ता का बुकनू, टमाटो सॉस, मुरब्बा व जेम भी तैयार कर शुद्ध माल लोगों तक पहुंचा रही है और चार हजार से अधिक महिलाओं को रोजगार देकर महिला सशक्तिकरण की एक सच्ची मिशाल पेश की है।

(रिपोर्ट – वरुण गुप्ता , औरैया )