लखनऊ की सड़कों पर अगर फर्राटा भरेंगे नाबालिग तो पापा जायेंगे जेल !

लखनऊ–कोई नाबालिग बाइक या कार से लखनऊ की सड़कों पर फर्राटा भरता मिला तो उसके पापा को जेल की हवा खानी पड़ेगी। यूपी की लखनऊ पुलिस सोमवार से ऐसे अभिभावकों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू करेगी।  एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक नाबालिगों को वाहन चलाने की अनुमति देना अपराध है। इसके लिए मुकदमा दर्ज कर अभिभावकों को गिरफ्तार भी किया जा सकता है। बता दें कि इसी साल हैदराबाद में भी अपने नाबालिग बच्चों को ड्राइविंग सौंपने पर 26 पैरंट्स को जेल हुई थी। एसएसपी ने कहा कि सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें नाबालिगों की हो रही हैं। अभिभावक

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December 17, 2018

लखनऊ–कोई नाबालिग बाइक या कार से लखनऊ की सड़कों पर फर्राटा भरता मिला तो उसके पापा को जेल की हवा खानी पड़ेगी। यूपी की लखनऊ पुलिस सोमवार से ऐसे अभिभावकों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू करेगी। 

एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक नाबालिगों को वाहन चलाने की अनुमति देना अपराध है। इसके लिए मुकदमा दर्ज कर अभिभावकों को गिरफ्तार भी किया जा सकता है। बता दें कि इसी साल हैदराबाद में भी अपने नाबालिग बच्चों को ड्राइविंग सौंपने पर 26 पैरंट्स को जेल हुई थी। एसएसपी ने कहा कि सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें नाबालिगों की हो रही हैं। अभिभावक भी 18 साल से कम उम्र के बच्चों को पावर बाइक और कार चलाने की इजाजत दे रहे हैं। पिछले छह महीनों में सबसे ज्यादा चालान ऐसे वाहनों के किए गए, जिन्हें नाबालिग चला रहे थे। अभिभावकों को चेतावनी देने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा। इसलिए अब अभिभावकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। 

एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि मोटरयान अधिनियम की धारा 180 के तहत नाबालिग बच्चों को वाहन देने वाले अभिभावकों को तीन माह तक की सजा का प्रावधान है। उनका डीएल भी जब्त किया जा सकता है। आईपीसी में 88, 89, 109 सहित कई ऐसी धाराएं हैं, जो अपराध के लिए प्रेरित करने वालों पर लागू होती हैं। नाबालिग को वाहन देना भी जुर्म है, इसलिए अभिभावकों पर इन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है।