ग्राम निधि हजम करने वाले प्रधान नहीं लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव

लखनऊ–ग्राम निधि को हजम करने वाले प्रधानों की घेराबंदी पंचायत राज मंत्रालय ने शुरू कर दी है। गांव के विकास की रकम का गबन करने वाले ग्राम प्रधान अगला पंचायत का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। ग्राम पंचायत का कार्यकाल खत्म होने की कगार पर है। इसी साल ग्राम पंचायत का चुनाव होगा। बरेली समेत पूरे प्रदेश में बड़ी तादाद में ग्राम निधि में गड़बड़ी के मामले सामने आ चुके हैं। बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों के जांच लंबित हैं। इतना ही नहीं ऑडिट में गबन सामने आ चुका है। इसके बाद भी ग्राम प्रधानों से वसूली की कार्रवाई नाममात्र की

Written By :

Shweta Singh

Updated

February 13, 2020

लखनऊ–ग्राम निधि को हजम करने वाले प्रधानों की घेराबंदी पंचायत राज मंत्रालय ने शुरू कर दी है। गांव के विकास की रकम का गबन करने वाले ग्राम प्रधान अगला पंचायत का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।

ग्राम पंचायत का कार्यकाल खत्म होने की कगार पर है। इसी साल ग्राम पंचायत का चुनाव होगा। बरेली समेत पूरे प्रदेश में बड़ी तादाद में ग्राम निधि में गड़बड़ी के मामले सामने आ चुके हैं। बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों के जांच लंबित हैं। इतना ही नहीं ऑडिट में गबन सामने आ चुका है। इसके बाद भी ग्राम प्रधानों से वसूली की कार्रवाई नाममात्र की हुई है। पंचायत राज निदेशक किंजल सिंह ने एक-एक ग्राम पंचायत का पूरे कार्यकाल का ऑडिट कराने के आदेश दिए हैं।

केंद्रीय वित्त, राज्य वित्त और परफार्मेंस ग्रांट की रकम के खर्च का ऑडिट अधिकारी मिलान करेंगे। रकम की खर्च के बिल और बाउचर समेत जरूरी दस्तावेज मुहैया कराने होंगे। एक-एक वर्ष का अलग-अलग ऑडिट किया जाएगा। ऑडिट में गबन की पुष्टि होने पर ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव से तुरंत रकम की वसूली कराने को कहा है। वसूली की रकम का जिक्र कैशबुक में भी करना होगा। ग्राम पंचायत का ऑडिट पूरा होने पर ही मौजूदा प्रधान अगला चुनाव लड़ सकेंगे। ऑडिट में एक-एक पैसे का हिसाब देने वाले प्रधान की अगला प्रधानी की चुनाव लड़ सकेंगे।