सीएम योगी ने ‘बजरंगबली’ को कहा ‘दलित’, भेजा गया नोटिस

लखनऊ–उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भगवान हनुमान को दलित व वंचित बताया जाना राज्य के कई लोगों को रास नहीं आया है। जयपुर के एक संगठन सर्व ब्राह्मण समाज ने तो इस पर योगी को नोटिस भेजकर माफी मांगने को कहा है।  समाज का कहना है कि बजरंग बली न तो दलित हैं, न वंचित और न ही लोकदेवता। समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश मिश्रा ने अपने वकील के जरिए भेजे नोटिस में योगी आदित्यनाथ से इस मामले में माफी मांगने को कहा है और तीन दिन में ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है।

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November 29, 2018

लखनऊ–उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भगवान हनुमान को दलित व वंचित बताया जाना राज्य के कई लोगों को रास नहीं आया है। जयपुर के एक संगठन सर्व ब्राह्मण समाज ने तो इस पर योगी को नोटिस भेजकर माफी मांगने को कहा है। 

समाज का कहना है कि बजरंग बली न तो दलित हैं, न वंचित और न ही लोकदेवता। समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश मिश्रा ने अपने वकील के जरिए भेजे नोटिस में योगी आदित्यनाथ से इस मामले में माफी मांगने को कहा है और तीन दिन में ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों के समर्थन में राज्य में ताबड़तोड़ जनसभाएं कर रहे योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को मालाखेड़ा अलवर में कहा था कि ‘बजरंग बली ऐसे लोकदेवता हैं जो स्वयं वनवासी हैं, गिरवासी हैं दलित हैं वंचित हैं।’ 

इससे नाराज ब्राह्मण समाज ने नोटिस में कहा है कि हनुमान भगवान हैं । उन्हें वंचित और लोकदेवता बताना न केवल उनका बल्कि लाखों हनुमान भक्तों का अपमान है । कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने भी योगी के इस बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा, ‘भाजपा अभी तक इंसान को बांटने का काम कर रही थी, लेकिन अब यह भगवान को भी जाति में बांट रहे हैं।’