अब महिलाओं को इस तरह खुश करने की तैयारी में है सरकार..

नई दिल्ली– सरकार कन्ज्यूमर प्रॉडक्ट्स और रोजमर्रा की जरूरतों के सामान के बाद अब अगले दौर की समीक्षा में वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर जैसे कन्ज्यूमर ड्युरेबल्स पर जीएसटी रेट में कटौती करेगी। अभी इन वाइट गुड्स पर 28% टैक्स लग रहा है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि कन्ज्यूमर ड्युरेबल्स पर टैक्स कम करने से इनकी खरीदारी बढ़ेगी। दरअसल, ऊंची टैक्स दर की वजह से इस सेक्टर में मंदी की शिकायतें आ रही हैं। इसके अलावा, सरकार महिलाओं को भी खुश करना चाहती है, इसलिए टैक्स रेट घटाकर उनकी सहूलियतों के सामान सस्ते

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November 20, 2017

नई दिल्ली– सरकार कन्ज्यूमर प्रॉडक्ट्स और रोजमर्रा की जरूरतों के सामान के बाद अब अगले दौर की समीक्षा में वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर जैसे कन्ज्यूमर ड्युरेबल्स पर जीएसटी रेट में कटौती करेगी। अभी इन वाइट गुड्स पर 28% टैक्स लग रहा है।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि कन्ज्यूमर ड्युरेबल्स पर टैक्स कम करने से इनकी खरीदारी बढ़ेगी। दरअसल, ऊंची टैक्स दर की वजह से इस सेक्टर में मंदी की शिकायतें आ रही हैं। इसके अलावा, सरकार महिलाओं को भी खुश करना चाहती है, इसलिए टैक्स रेट घटाकर उनकी सहूलियतों के सामान सस्ते करने की योजना है। 

पिछले सप्ताह पांच सितारा होटलों को छोड़कर अन्य रेस्ट्रॉन्ट्स पर जीएसटी रेट्स 18% से घटाकर 5% कर दिया गया, हालांकि इनपुट टैक्स क्रेडिट खत्म करने से कई फूड चेन ने कीमतें बढ़ा दीं। जीएसटी काउंसिल की पिछली बैठक में 200 आइटम्स पर रेट कट से स्पष्ट हो गया कि वाइट गुड्स और सीमेंट जैसी कमोडिटीज लग्जरी आइटम्स हैं नहीं, लेकिन इन पर ज्यादा टैक्स इसलिए लगाया गया है कि राजस्व घटकर वित्तीय घाटे का बोझ न बढ़ा दे। दरअसल, सरकार 12% एवं 18% को एक दर में मिलाकर और प्रोसेस्ड फूड्स एवं अन्य घरेलू इस्तेमाल के सामान को 5% के ब्रैकेट में रखकर भविष्य में तीन टैक्स रेट्स ही रखना चाहती है।