यूपी के प्राइमरी स्कूलों में समय से न पहुंचने वाले शिक्षकों की आई शामत,ऐसी होने जा रही व्यवस्था

इलाहाबाद-– यूपी में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। परिषदीय स्कूलों के मनमाने शिक्षकों की मनमानी अब और नहीं चलने वाली है। खासकर उन शिक्षकों की जो बिना समय के स्कूल में पहुंचते हैं। बेसिक शिक्षा परिषद ने शिक्षकों पर लगाम कसने की तैयारी कर ली है। अब लेटलतीफी करना उन्हें महंगा भी पड़ेगा। सिर्फ इतना ही नहीं सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड डे मील में धांधली करना भी आसान नहीं होगा और अगर किसी ने किया तो उसकी खैर नहीं। दरअसल, इस बार बेसिक शिक्षा परिषद ने देर से पहुंचने

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September 20, 2018

इलाहाबाद-– यूपी में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। परिषदीय स्कूलों के मनमाने शिक्षकों की मनमानी अब और नहीं चलने वाली है। खासकर उन शिक्षकों की जो बिना समय के स्कूल में पहुंचते हैं। बेसिक शिक्षा परिषद ने शिक्षकों पर लगाम कसने की तैयारी कर ली है।

अब लेटलतीफी करना उन्हें महंगा भी पड़ेगा। सिर्फ इतना ही नहीं सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड डे मील में धांधली करना भी आसान नहीं होगा और अगर किसी ने किया तो उसकी खैर नहीं। दरअसल, इस बार बेसिक शिक्षा परिषद ने देर से पहुंचने वाले शिक्षकों पर खास तौर से ध्यान दिया है। यही वजह है कि प्राथमिक व उच्च विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थित तथा समय बायोमेट्रिक मशीनों के जरिए दर्ज की जाएगी। इससे यह साफ पता चल सकेगा कि कौन शिक्षक कब आया और गया। मिड डे मील का वितरण भी बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर होगा।

शिक्षा परिषद ने शिक्षकों व छात्रों की उपस्थिति बायोमेट्रिक तरीके से दर्ज कराने की कवायद शुरू कर दी है। इसी कड़ी में परिषद ने सभी बीएसए अधिकारियों को स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीन लगाने के लिए निर्देशित किया है। जिससे प्रतिदिन छात्रों तथा शिक्षकों की उपस्थिति को दर्ज किया जा सके। यही नहीं मिड डे मील में कोई धांधली ना हो तथा इसकी शिकायतों पर रोक लगे इसके लिए भी परिषद तैयार है। परिषद एक पोर्टल बनाने की तैयारी में है, इसमें सभी स्कूलों सहित वहां की हर जानकारी उपलब्ध होगी।