NEET Paper Leak: दोबारा नहीं होगी नीट परीक्षा, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

NEET Paper Leak: मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में NEET UG मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने कहा कि NEET UG परीक्षा दोबारा नहीं होगी। CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस परदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया। CJI ने कहा कि बेदाग उम्मीदवारों से अनियमितता का फायदा उठाने वालों की पहचान करना संभव है। अगर बाद में अनियमितता पाई भी जाती है तो उसका एडमिशन रद्द किया जा सकता है। दोबारा परीक्षा कराने से होंगे गंभीर परिणाम सीजेआई ने कहा कि यूजी परीक्षा कराने का निर्देश देने

Written By :

SK Sharma

Updated

July 23, 2024

NEET Paper Leak: मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में NEET UG मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने कहा कि NEET UG परीक्षा दोबारा नहीं होगी। CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस परदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया।

CJI ने कहा कि बेदाग उम्मीदवारों से अनियमितता का फायदा उठाने वालों की पहचान करना संभव है। अगर बाद में अनियमितता पाई भी जाती है तो उसका एडमिशन रद्द किया जा सकता है।

दोबारा परीक्षा कराने से होंगे गंभीर परिणाम

सीजेआई ने कहा कि यूजी परीक्षा कराने का निर्देश देने से गंभीर परिणाम होंगे, जिसका खामियाजा इस परीक्षा में शामिल होने वाले 24 लाख से अधिक छात्रों को भुगतना पड़ेगा और प्रवेश कार्यक्रम में व्यवधान पैदा होगा, भविष्य में चिकित्सा शिक्षा के पाठ्यक्रम और योग्य चिकित्सा पेशेवरों की उपलब्धता पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा और वंचित समूह जिसके लिए सीटों के आवंटन में आरक्षण किया गया था, उनके लिए गंभीर रूप से हानिकारक होगा।

विकल्प 4 को ही सही प्रश्न का उत्तर माना जाए

नीट यूजी परीक्षा के 19वें प्रश्न के विवाद पर अपना फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि हम आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट को स्वीकार करते हैं। नीट यूजी रिजल्ट को उसके उत्तर के अनुसार दोबारा जारी किया जाना चाहिए। विकल्प 4 को ही प्रश्न का एकमात्र सही उत्तर माना जाना चाहिए।

होगी बड़ा नुकसान

सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा, ‘अगर बाद में सीबीआई जांच में पता चलता है कि बड़ी संख्या में छात्रों को फायदा हुआ है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे भविष्य में चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा पेशेवरों की उपलब्धता प्रभावित होगी। हाशिए पर पड़े छात्रों का नुकसान एक गंभीर मुद्दा है।

तीन विशेषज्ञों की टीम ने की सवाल की जांच

इससे पहले चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने सोमवार को आईआईटी-दिल्ली के डायरेक्टर को फिजिक्स के इस विवादित सवाल को लेकर तीन सब्जेक्ट एक्सपर्ट की टीम बनाने और मंगलवार दोपहर तक सही जवाब की रिपोर्ट पेश करने को कहा था।

वहीं, जब सुनवाई शुरू हुई तो सीजेआई ने रिपोर्ट में लिखी बातों का जिक्र करते हुए कहा कि हमें आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट मिल गई है। आईआईटी डायरेक्टर रंगन बनर्जी ने फिजिक्स डिपार्टमेंट की एक कमेटी बनाई और उन्होंने बताया कि तीन एक्सपर्ट की टीम ने सवाल की जांच की। टीम का कहना है कि चौथा ऑप्शन ही सही जवाब है।

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