मेरठः बिजली चोरी व कटियाबाजों पर अब नजर रखेगा ड्रोन

न्यूज डेस्क — पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने बिजली चोरों और कटियाबाजों को पकड़ने का नया तारीका निकाला है. बिजली चोर पकड़ने के लिए अब तीसरी आंख यानी ड्रोन कैमरों का सहारा लिया है.सुनने में ये थोड़ा अजीब लगता है लेकिन विद्युत विभाग इसकी योजना की तैयारी भी कर ली है. दरअसल ​पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के चौदह ज़िलों में तीसरी आंख यानि ड्रोन कैमरा पकड़ेगा बिजली चोरों और कटियाबाजों को. इस अभियान को लेकर पीवीवीएनएल के एमडी अरविंद मलप्पा बंगारी का कहना है कि ड्रोन के ज़रिए होने वाले इंस्पेक्शन में कोई भी बिजली चोर बच नहीं

Written By :

SK Sharma

Updated

November 13, 2019

न्यूज डेस्क — पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने बिजली चोरों और कटियाबाजों को पकड़ने का नया तारीका निकाला है. बिजली चोर पकड़ने के लिए अब तीसरी आंख यानी ड्रोन कैमरों का सहारा लिया है.सुनने में ये थोड़ा अजीब लगता है लेकिन विद्युत विभाग इसकी योजना की तैयारी भी कर ली है.

दरअसल ​पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के चौदह ज़िलों में तीसरी आंख यानि ड्रोन कैमरा पकड़ेगा बिजली चोरों और कटियाबाजों को. इस अभियान को लेकर पीवीवीएनएल के एमडी अरविंद मलप्पा बंगारी का कहना है कि ड्रोन के ज़रिए होने वाले इंस्पेक्शन में कोई भी बिजली चोर बच नहीं पाएगा. साथ ही उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील भी की कि आसान किश्तों के ज़रिए लोग अपना बकाया जमा कर सकते हैं. इसे ‘आसान किश्त योजना’ भी कहा जा रहा है. साथ ही उपभोक्ता अगर चाहें तो फ्रेश कनेक्शन भी अपने नाम ले सकते हैं.

उन्होंने बताया कि पश्चिमांचल के कई ज़िलों में सबसे ज्यादा बिजली चोरी हो रही है. जिनमें बिजनौर, मुरादाबाद, बलुंदशहर, रामपुर, सहारनपुर में बिजली चोरी के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. आबादी के अनुपात में इन ज़िलों से सबसे कम रेवेन्यू आता है. लिहाज़ा अब पीवीवीएनएल के सभी चौदह जिलों में बिजली चोरों के खिलाफ सबसे बड़ा अभियान चलाया जाएगा जिसमें ड्रोन कैमरों सहारा लिया जा रहा है.

पश्चिमाचंल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एमडी के मुताबिक अब सभी चौदह ज़िलों में दो-दो टीमें भी बनाई जाएंगी जिन्हें ड्रोन कैमरे से लैस किया जाएगा. यह टीमें ड्रोन कैमरों की मदद से वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करके बिजली चोरों तक पहुंचने का प्रयास करेगी.इसके अलावा यहां लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है.

गौरतलब है कि पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने इससे पहले भी बिजली चोरी के खिलाफ कई अभियान चलाए लेकिन ये सभी अभियान बिजली चोरों पर शिकंजा कसने में नाकामयाब रहे. इसलिए विद्युत विभाग ने अब ड्रोन कैमरों का सहारा लिया है.