मथुराःराष्ट्रपति कोविंद ने राज्यपाल व मुख्यमंत्री के साथ परोसा बच्चों को भोजन

मथुरा — राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद यूपी दौरे पर है.यहां उन्होंने गुरुवार को वृंदावन के छटीकरा मार्ग स्थित अक्षय पात्र परिसर में अपनी पत्नी सविता कोविंद के साथ पहुंचे और गांव के बच्चों के साथ कुछ पल बिताए और उन्हें खाना परोसा.इस दौरान मिड-डे मील बनाने वाली रसोई का अवलोकन भी किया. उन्होंने यहां ठाकुर राधा वृंदावन चंद्र के दर्शन भी किए. इस मौके पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और सीएम योगी ने भी बच्चों को भोजना खिलाया. इससे पहले अक्षयपात्र में सरकारी विद्यालयों के बच्चों ने गुलाब का फूल देकर राष्ट्रपति व उनकी पत्नी, राज्यपाल व मुख्यमंत्री योगी का स्वागत

Written By :

SK Sharma

Updated

November 29, 2019

मथुरा — राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद यूपी दौरे पर है.यहां उन्होंने गुरुवार को वृंदावन के छटीकरा मार्ग स्थित अक्षय पात्र परिसर में अपनी पत्नी सविता कोविंद के साथ पहुंचे और गांव के बच्चों के साथ कुछ पल बिताए और उन्हें खाना परोसा.इस दौरान मिड-डे मील बनाने वाली रसोई का अवलोकन भी किया. उन्होंने यहां ठाकुर राधा वृंदावन चंद्र के दर्शन भी किए. इस मौके पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और सीएम योगी ने भी बच्चों को भोजना खिलाया.

इससे पहले अक्षयपात्र में सरकारी विद्यालयों के बच्चों ने गुलाब का फूल देकर राष्ट्रपति व उनकी पत्नी, राज्यपाल व मुख्यमंत्री योगी का स्वागत किया. इसके बाद राष्ट्रपति ने सरकारी विद्यालयों से आये और बच्चों को भोजन कराया. साथ ही अक्षय पात्र द्वारा की जा रही मध्याह्न भोजन वितरण सेवा की सराहना भी की.

उधर राष्ट्रपति द्वारा भोजन परोसने से बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. वो अपने को बड़ा सौभाग्यशाली मान रहे थे. भरतिया गांव के प्राथमिक विद्यालय में कोमल नजदीक से राष्ट्रपति के मिलने और उनके द्वारा हाल चाल पूछने के साथ ही भोजन परोसने के यादगार पलों को बार-बार याद कर रही है. उसने कहा कि मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत ही बड़ा दिन है कि देश के राष्ट्रपति ने मुझे भोजन परोसा.

वहीं संस्था के चेयरमैन चंचलापति दास ने कहा कि हमारे लिए यह बड़े ही हर्ष की बात है कि देश के राष्ट्रपति यहां पधारे. जबकि संस्था के वाइस चेयरमैन ने बताया कि राष्ट्रपति के आगमन से इसका गौरव और बढ़ गया है.अक्षय पात्र के द्वारा स्थापित 52 किचन में से वृंदावन के केंद्रीयकृत रसोई का स्थान सबसे पहले स्थापित होने वाले रसोई घरों में दूसरा है.