सरकार के आदेशों को दरकिनार कर अवैध खनन में लगे माफिया

खनिज विभाग व जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ मिलकर बेतवा नदी की धारा को रोकर नदी से ही अवैध खनन करने में जुटे है।

Written By :

SK Sharma

Updated

November 27, 2020

सपा शासन में जालौन में बालू खनन करने वाले लोग आज भाजपा शासन में भी अपना वर्चस्व बनाए हुये हैं। अब तो हालात पहले से भी खराब हो गई है, यहां माफियाओं को किसी का खौफ नहीं रह गया हैं और वह खनिज विभाग व जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ मिलकर बेतवा नदी की धारा को रोकर नदी से ही अवैध खनन करने में जुटे है।

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अवैध खनन…

बता दें कि सपा शासनकाल में जालौन को अवैध खनन का गढ़ माना जाता था लेकिन 2017 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उरई में जनसभा की गई और उन्होंने सपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि सपा सरकार अवैध खनन के कार्यों में लिप्त है यदि भाजपा सरकार आती है तो अवैध खनन पर रोक लगाई जाएगी तथा इसकी निगरानी सेटेलाइट के माध्यम से की जाएगी लेकिन भाजपा सरकार को बने हुए 3 साल हो गए हैं लेकिन ना तो सरकार द्वारा इन वासियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है और ना ही अवैध खनन रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाए गए हैं।

नदी की धारा को रोकर हो रहा खनन…

उरई तहसील क्षेत्र के ग्राम बंधौली में बालू माफियाओं द्वारा अवैध तरीके से बालू खनन किया जा रहा है। बंधौली में बेतवा नदी किनारे ASVP कंपनी को मौरम का पट्टा स्वीकृत हुआ था, इस कंपनी को खंड 5 अ खनिज विभाग ने स्वीकृत किया है लेकिन इस कंपनी के ठेकेदारों ने माफियाओं और खद्दर धारी नेताओं के साथ मिलकर यहां अवैध खनन करना शुरू कर दिया। साथ ही साथ अपने खंड से दो कदम आगे बढक़र भी बेतवा नदी की धारा को रोकर एलएनटी, पोकलैंड व हैवी मशीनों से खनन कर रहे हैं।

जबकि सरकार, सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी की स्पष्ट गाइडलाइन है कि कोई भी कंपनी हैवीवेट मशीनों से खनन नहीं करेगी और ना ही नदी की धारा रोककर खनन किया जाएगा, ऐसा किया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन जालौन में माफिया खनिज विभाग के अधिकारियों और जिला प्रशासन के साथ मिलकर जमकर मोरम की लूट करने में लगे हैं।

साथ ही शासन के आदेश का पालन भी नहीं कराया जा रहा है, जिससे सरकार को करोड़ों रुपए का राजस्व का नुकसान हो रहा है। अब देखने वाली बात यह है कि क्या सरकार इन माफियाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई करती है या फिर प्रधानमंत्री के उस बयान को झूठलाती है, जो प्रधानमंत्री ने 2017 के चुनावी भाषण के दौरान उरई में दिया था।

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(रिपोर्ट- अनुज कौशिक, जौलान)