लखनऊः टीचर्स डे पर कटोरा लेकर उतरे शिक्षकों ने मांगी भीख, मुंडवाए सिर

लखनऊ — एक ओर जहां देश भर में टीचर्स-डे पर शिक्षकों के सम्मान में तरह-तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया वहीं राजधानी लखनऊ में मानदेय की मांग को लेकर वित्तविहीन शिक्षकों ने बुधवार को लखनऊ के इको गार्डन में कटोरा लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं उन्होंने मुंडन भी करवाया।  वहीं मुंडन के बाद वित्तविहीन शिक्षक हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पहुंचे। यहां शिक्षकों ने कटोरा लेकर भिक्षा मांगी। इस दौरान गांधी प्रतिमा से होते हुए मुख्यमंत्री के आवास पर भिक्षा मांगने जा रहे शिक्षकों को पुलिस ने रोका लिया इस बीच पुलिस ने शिक्षकों में झटप हो गई। जिस

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September 5, 2018

लखनऊ — एक ओर जहां देश भर में टीचर्स-डे पर शिक्षकों के सम्मान में तरह-तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया वहीं राजधानी लखनऊ में मानदेय की मांग को लेकर वित्तविहीन शिक्षकों ने बुधवार को लखनऊ के इको गार्डन में कटोरा लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं उन्होंने मुंडन भी करवाया। 

वहीं मुंडन के बाद वित्तविहीन शिक्षक हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पहुंचे। यहां शिक्षकों ने कटोरा लेकर भिक्षा मांगी। इस दौरान गांधी प्रतिमा से होते हुए मुख्यमंत्री के आवास पर भिक्षा मांगने जा रहे शिक्षकों को पुलिस ने रोका लिया इस बीच पुलिस ने शिक्षकों में झटप हो गई। जिस पर कई शिक्षक भड़क गए और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। हालांकि  शिक्षकों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज कर दिया। जिससे वहां भगदड़ मच गई और कई शिक्षक चोटिल हो गए। 

घंटों चले बवाल के बाद माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षकों को पुलिस ने 3 बसों में भरकर गिरफ्तार किया। इस दौरान मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया जिसे पुलिस ने बड़ी मुश्किल से दुरुस्त करवाया।

वहीं प्रदर्शन कर रहे  शिक्षकों ने बताया कि सरकार ने हमारा मानदेय बंद कर दिया है, जिसके चलते हमे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने योगी सरकार के इस निर्णय को पक्षपातपूर्ण करार दिया। साथ ही कहा कि डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कई धरना-प्रदर्शन व सम्मेलनों में मानदेय दिए जाने का आश्वासन दिया लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाया जा सका है। सरकार के इस रवैये के खिलाफ हमारा विरोध जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस पर वित्तविहीन सारे शिक्षकों ने लखनऊ की सड़कों पर निकलकर भिक्षा मांगने के साथ-साथ महिलाओं और पुरुषों ने मुंडन भी करवाया। जो पैसा मुंडन कराकर इकट्ठा हुआ है वो मुख्यमंत्री को देंगे। जिससे उनकी तंगी दूर हो सके। उन्होंने कहा कि इससे पहले की सरकार में हम लोगों को 1 हजार रूपए मिलते थे और इस सरकार ने वादा किया था कि यदि बीजेपी की सरकार बनी तो वह उनको सम्मान देगी। लेकिन जो मानदेय मिल रहा है वह भीख के बराबर है। 

शिक्षकों ने कहा कि अब इनकी सरकार है फिर भी इन्होंने अपना वादा पूरा नहीं किया और जब आज शिक्षक दिवस पर हम लोग प्रदर्शन कर रहे हैं तो हमे जबरदस्ती घसीट कर भगाया जा रहा है। यदि इसी तरह का बर्ताव रहा तो हम लोग विधानसभा के सामने आत्मदाह कर लेंगे। 

हालांकि शिक्षकों के इस विरोध प्रदर्शन पर सीएम योगी ने कहा कि आज कुछ लोग बिना योग्यता के नौकरी पाना चाहते हैं। हमने कुछ लोगों को सिर मुंडवाकर कर प्रदर्शन करते हुए देखा। सरकार शिक्षकों की भर्ती कर रही है। चाहते हैं कि योग्य लोगों को इस पेशे में आएं।