62 किमी लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे को मिली हरी झंडी

लखनऊ–लखनऊ से कानपुर के बीच आपको कहीं भी रुकना नहीं पड़ेगा क्योंकि यहां जल्द की नॉनस्टाप एक्सप्रेस-वे बनने वाला है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के प्रयासों के बाद भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस परियोजना को हरी झंडी दी थी। 62 किमी लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे को केंद्रीय परिवहन मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक एक्सप्रेस-वे बनी से नवाबगंज बर्ड सेंचुरी होते हुए कानपुर से जुड़ेगा। इसके निर्माण से बर्ड सेंचुरी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बल्कि बर्ड सेंचुरी के काफी पीछे से एक्सप्रेस-वे का निर्माण होगा। ऐसे में भूमि अधिग्रहण को लेकर भी कोई

Written By :

Shweta Singh

Updated

February 6, 2020

लखनऊ–लखनऊ से कानपुर के बीच आपको कहीं भी रुकना नहीं पड़ेगा क्योंकि यहां जल्द की नॉनस्टाप एक्सप्रेस-वे बनने वाला है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के प्रयासों के बाद भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस परियोजना को हरी झंडी दी थी।

62 किमी लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे को केंद्रीय परिवहन मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक एक्सप्रेस-वे बनी से नवाबगंज बर्ड सेंचुरी होते हुए कानपुर से जुड़ेगा। इसके निर्माण से बर्ड सेंचुरी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बल्कि बर्ड सेंचुरी के काफी पीछे से एक्सप्रेस-वे का निर्माण होगा। ऐसे में भूमि अधिग्रहण को लेकर भी कोई समस्या नहीं आएगी। एक्सप्रेस-वे उन्नाव के 31 और लखनऊ के 11 गांवों से होकर गुजरेगा। उन्नाव के गांवों में 440 हेक्टेअर और लखनऊ के गांवों की 20 हेक्टेअर जमीन का अधिग्रहण करना होगा।

अधिकारियों के मुताबिक लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के निर्माण में दो इंटरचेंज (लूप) का भी निर्माण होगा। इसके साथ ही 6 फ्लाईओवर और एक रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण करवाया जाएगा। 38 वैक्यूलर अंडरपास के साथ ही 3 मेजर ब्रिज भी एक्सप्रेस-वे का हिस्सा होंगे। इसके अलावा 28 माइनर ब्रिज का भी निर्माण होगा।