लखनऊ पुनर्वास केंद्र में बड़ी लापरवाही ! फूड पॉइजनिंग से 4 बच्चों की मौत, 20 नाजुक

Lucknow Food Poisioning: यूपी की राजधानी लखनऊ में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां सरकारी पुनर्वास केंद्र में जहरीला खाना खाने से चार बच्चों की मौत हो गई है। जबकि 20 बच्चों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है। उधर बच्चों को समुचित उपचार देने के बजाय संस्था के अधिकारी बीमारी छिपाने में जुटे रहे। संस्था के अधिकारी दो बच्चों की मौत का दावा कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने की चार बच्चों की मौत की पुष्टि हालांकि स्वास्थ्य विभाग की जांच में चार बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है। मौत और

Written By :

SK Sharma

Updated

March 27, 2025

Lucknow Food Poisioning

Lucknow Food Poisioning: यूपी की राजधानी लखनऊ में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां सरकारी पुनर्वास केंद्र में जहरीला खाना खाने से चार बच्चों की मौत हो गई है। जबकि 20 बच्चों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है। उधर बच्चों को समुचित उपचार देने के बजाय संस्था के अधिकारी बीमारी छिपाने में जुटे रहे। संस्था के अधिकारी दो बच्चों की मौत का दावा कर रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने की चार बच्चों की मौत की पुष्टि

हालांकि स्वास्थ्य विभाग की जांच में चार बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है। मौत और बीमारी के आंकड़े छिपाने के लिए बच्चों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। चार मौतों के बाद शासन-प्रशासन में हड़कंप मच गया। मंडलायुक्त और जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों ने लोकबंधु अस्पताल में भर्ती बच्चों का हालचाल लिया।

अस्पताल प्रशासन को बेहतर उपचार देने के निर्देश दिए। घटना की जांच शुरू हो गई है। बताया जाता है कि 22 मार्च को ठाकुरगंज अस्पताल में शिवांक (15) की मौत हो गई थी। 25 मार्च को लोकबंधु अस्पताल में दीपा (16) की मौत हो गई, बलरामपुर अस्पताल में सूरज (12) की मौत हो गई। 26 फरवरी की सुबह लोकबंधु अस्पताल में रेनू (13) की मौत हो गई।

फूड पॉइजनिंग से गई 4 बच्चों की जान

बता दें कि लखनऊ के बुद्धेश्वर के पास निर्वाण संस्था में अनाथ मानसिक रूप से बीमार बच्चे रहते हैं। यहां करीब 147 बच्चे हैं। संस्था में पिछले एक सप्ताह से बीमारी फैली हुई है। बच्चे उल्टी, दस्त और पेट दर्द से पीड़ित हैं। शुरुआत में संस्था के अधिकारियों ने बीमारी को गंभीरता से नहीं लिया। जब बच्चे उल्टी, दस्त और पेट दर्द से बेचैन होने लगे तो संस्था ने घटना को छिपाने के लिए बच्चों को अलग-अलग अस्पतालों में भेजना शुरू कर दिया। समय पर इलाज न मिलने से चार बच्चों की मौत हो गई। गंदा पानी और दूषित भोजन किशोरों की मौत का बड़ा कारण हो सकता है।

अधिकारियों ने बच्चों के स्वास्थ्य का लिया जायजा

गुरुवार को मंडलायुक्त रोशन जैकब, डीएम विशाखा जी, प्रमुख सचिव बाल विकास पुष्टाहार लीना जौहरी और एसीपी कृष्णा नगर सुबह 9 बजे बच्चों को देखने पहुंचे। वार्ड नंबर 30 में भर्ती 16 बच्चों का स्वास्थ्य जांचा। बेहतर इलाज के लिए अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए। बलरामपुर अस्पताल और केजीएमयू रेफर किए गए दो बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है।

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