जवाहरलाल पंडित हत्याकांडः 23 साल बाद आया फैसला,करवरिया बंधुओं समेत 4 दोषी करार

झूंसी विधानसभा से सपा विधायक जवाहर पंडित की 13 अगस्त 1996 की शाम 7 बजे गोलियों से भूनकर हत्या की गई थी. सिविल लाइंस में पैलेस सिनेमा और काफी हाउस के बीच एके-47 से गोलियां बरसाकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था.

Written By :

SK Sharma

Updated

October 31, 2019

प्रयागराज — बहुचर्चित सपा विधायक जवाहर यादव पंडित हत्याकांड मामले में ट्रायल कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है. कोर्ट ने मामले में करवरिया बंधुओं सहित एक अन्य को हत्या का दोषी करार दिया है. हत्याकांड में पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया भाई पूर्व विधायक उदय भान करवरिया, भाई पूर्व एमएलसी सूरज भान करवरिया और रामचंद्र त्रिपाठी दोषी करार दिए गए हैं. अब 4 नवंबर को ट्रायल कोर्ट दोषियों को सजा सुनाएगी.

बता दें कि झूंसी विधानसभा से सपा विधायक जवाहर पंडित की 13 अगस्त 1996 की शाम 7 बजे गोलियों से भूनकर हत्या की गई थी. सिविल लाइंस में पैलेस सिनेमा और काफी हाउस के बीच एके-47 से गोलियां बरसाकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था.इस गोलीबारी में जवाहर पंडित के साथ ही उनके ड्राइवर गुलाब यादव और एक राहगीर कमल कुमार दीक्षित की भी गोली लगने से मौत हो गई थी. जबकि विधायक पर हुए हमले में पंकज कुमार श्रीवास्तव और कल्लन यादव घायल हो गए थे.

इस हत्याकांड के बाद विधायक की पत्नी की ओर से सिविल लाइंस थाने में करवरिया बंधुओं के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था. इस मामले की विवेचना सीबीसीआईडी ने भी की और आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था. मुकदमे के दौरान कुछ साल तक हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के चलते मुकदमे की सुनवाई भी नहीं हो सकी थी.फिलहाल दोनों ही पक्षों को 23 साल चली इस लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अब फैसले का बेसब्री से इंतजार है.