अब जौनपुर की अटाला मस्जिद पर विवाद पहुंचा कोर्ट , सोमवार को होगी सुनवाई

Atala Masjid, जौनपुर: उत्तर प्रदेश के अयोध्या, काशी-मथुरा और संभल के बाद अब जौनपुर का मंदिर-मस्जिद विवाद भी हाईकोर्ट पहुंच गया है। यहां के अटाला मस्जिद मामले की सुनवाई 9 दिसंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में होगी। दरअसल, स्वराज वाहिनी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष कुमार मिश्रा ने इसी साल जौनपुर जिला न्यायालय में एक मुकदमा दायर कर दावा किया था कि जौनपुर की अटाला मस्जिद मंदिर (Atala Mandir ) को तोड़कर बनाई गई है। Atala Masjid: मस्जिद की जगह था मंदिर जिस जगह मस्जिद है, वहां पहले अटाला देवी (मां अट्टालिका मंदिर) का मंदिर था। इस मंदिर का निर्माण 13वीं

Written By :

SK Sharma

Updated

December 7, 2024

Atala Masjid, जौनपुर: उत्तर प्रदेश के अयोध्या, काशी-मथुरा और संभल के बाद अब जौनपुर का मंदिर-मस्जिद विवाद भी हाईकोर्ट पहुंच गया है। यहां के अटाला मस्जिद मामले की सुनवाई 9 दिसंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में होगी। दरअसल, स्वराज वाहिनी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष कुमार मिश्रा ने इसी साल जौनपुर जिला न्यायालय में एक मुकदमा दायर कर दावा किया था कि जौनपुर की अटाला मस्जिद मंदिर (Atala Mandir ) को तोड़कर बनाई गई है।

Atala Masjid: मस्जिद की जगह था मंदिर

जिस जगह मस्जिद है, वहां पहले अटाला देवी (मां अट्टालिका मंदिर) का मंदिर था। इस मंदिर का निर्माण 13वीं शताब्दी में राजा विजय चंद्र ने कराया था। हाईकोर्ट को मुख्य रूप से यह तय करना है कि मस्जिद को मंदिर बताकर वहां पूजा-अर्चना का अधिकार मांगने के लिए जौनपुर कोर्ट में दायर मुकदमे की सुनवाई हो सकती है या नहीं। कोर्ट को मामले की मेरिट के आधार पर अपना फैसला देना है।

वक्फ की तरफ से दायर की गई याचिका

अटाला मस्जिद (Atala Masjid) के वक्फ की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। जौनपुर कोर्ट में वादी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता राम सिंह ने बताया कि सिविल जज ने 31 मई 2024 को एक आदेश पारित किया था। जिला जज के इसी आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने पर्यवेक्षण रिट दाखिल की थी। इसे अगस्त में खारिज कर दिया गया था। अब मुस्लिम पक्ष ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसकी सुनवाई 9 दिसंबर को होगी। जिला कोर्ट में स्वराज वाहिनी प्रमुख संतोष मिश्रा वादी हैं जबकि वक्फ बोर्ड कमेटी को पक्षकार बनाया गया है।

जिला जज ने इसी साल 12 अगस्त को एक आदेश जारी कर जौनपुर जिला कोर्ट में दाखिल मुकदमे पर विचार करने की मंजूरी दी थी। जिला जज ने अपने फैसले में कहा था कि स्वराज वाहिनी एसोसिएशन का मुकदमा चलता रहेगा। अब मस्जिद पक्ष का दावा है कि कुछ ऑनलाइन दस्तावेजों के आधार पर मुकदमा दाखिल किया गया है, जबकि मस्जिद होने के तमाम दस्तावेज मौजूद हैं।

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