आरटीआई के तहत सूचना न मिलने पर तहसीलदार को दी धमकी, SC ने दिया ये आदेश

एटा–जनपद एटा की सदर तहसील में तैनात तहसीलदार को एक रोजगार सेवक ने पत्र लिखकर धमकी दी। उसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आरटीआई के दुरुप्रयोग को लेकर दिए गए आदेश के चलते तहसीलदार ने रोजगार सेवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पत्र भेजा है। दरअसल पूरा मामला एटा सदर तहसील का है जहाँ एटा तहसील में तहसीलदार के पद पर तैनात दुर्गेश यादव से 2 महीने पहले मिरहची थाना क्षेत्र के गांव जिन्हेंरा निवासी रोजगार सेवक कुलदीप ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत चार बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। जिस पर दो बिंदुओं पर तहसीलदार दुर्गेश

Written By :

Shweta Singh

Updated

December 30, 2019

एटा–जनपद एटा की सदर तहसील में तैनात तहसीलदार को एक रोजगार सेवक ने पत्र लिखकर धमकी दी। उसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आरटीआई के दुरुप्रयोग को लेकर दिए गए आदेश के चलते तहसीलदार ने रोजगार सेवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पत्र भेजा है।

दरअसल पूरा मामला एटा सदर तहसील का है जहाँ एटा तहसील में तहसीलदार के पद पर तैनात दुर्गेश यादव से 2 महीने पहले मिरहची थाना क्षेत्र के गांव जिन्हेंरा निवासी रोजगार सेवक कुलदीप ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत चार बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। जिस पर दो बिंदुओं पर तहसीलदार दुर्गेश यादव द्वारा सूचना प्रदान कर दी गई थी। साथ ही बाकी बचे दो बिंदुओं पर सूचना देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया गया था कि यह न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है जिसके चलते सूचना नहीं दी जा सकती है।

इसी बात से नाराज होकर रोजगार सेवक कुलदीप ने बीते 9 दिसंबर को तहसीलदार को पत्र लिखकर धमकी दी है कि सूचना नहीं दी तो एटा सदर तहसीलदार दुर्गेश यादव के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर न्यायालय में परिवाद भी किया जाएगा।

वही सुप्रीम कोर्ट ने आरटीआई के दुरुप्रयोग और ब्लैकमेल को लेकर दिए गए आदेश के चलते तहसीलदार दुर्गेश यादव द्वारा थाना अध्यक्ष मिरहची और मुख्य विकास अधिकारी को पत्र लिखकर रोजगार सेवक कुलदीप के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

(रिपोर्ट-आर.बी.द्विवेदी, एटा)