छह रूटों पर अब 300 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन

दिल्ली– भारतीय रेलवे ने छह ऐसे रूट निकाले हैं, जिन पर 300 किमी की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ सकती हैं। इसके लिए रेलवे एक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) एक साल के अंदर पेश करेगी। इन नए रूट में दिल्ली से नोएडा होते हुए वाराणसी का रेलवे रूट भी शामिल है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने बजट पूर्व चर्चा में बुधवार को कहा कि इनमें से कुछ रूट मुबई-अहमदाबाद के बीच प्रस्तावित हाई स्पीड कॉरिडोर का भी हिस्सा बनेंगे। जो छह नए हाईस्पीड कॉरिडोर चुने गए हैं, उनमें दिल्ली-नोएडा-आगरा-लखनऊ-वाराणसी (865 किलोमीटर), दिल्ली-जयपुर-उदयपुर-अहमदाबाद (886 किलोमीटर), मुंबई-नाशिक-नागपुर (753किमी), मुंबई-पुणे-हैदराबाद (711 किमी),

Written By :

Shweta Singh

Updated

January 30, 2020

दिल्ली– भारतीय रेलवे ने छह ऐसे रूट निकाले हैं, जिन पर 300 किमी की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ सकती हैं। इसके लिए रेलवे एक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) एक साल के अंदर पेश करेगी।

इन नए रूट में दिल्ली से नोएडा होते हुए वाराणसी का रेलवे रूट भी शामिल है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने बजट पूर्व चर्चा में बुधवार को कहा कि इनमें से कुछ रूट मुबई-अहमदाबाद के बीच प्रस्तावित हाई स्पीड कॉरिडोर का भी हिस्सा बनेंगे।
जो छह नए हाईस्पीड कॉरिडोर चुने गए हैं, उनमें दिल्ली-नोएडा-आगरा-लखनऊ-वाराणसी (865 किलोमीटर), दिल्ली-जयपुर-उदयपुर-अहमदाबाद (886 किलोमीटर), मुंबई-नाशिक-नागपुर (753किमी), मुंबई-पुणे-हैदराबाद (711 किमी), चेन्नई-बंगलूरू-मैसरू (865 किमी) और दिल्ली-चंडीगढ़-लुधियाना-जालंधर, अमृतसर (459 किमी) जैसे रूट शामिल हैं।

डीपीआर के बाद रेलवे यह तय करेगी कि उसको हाई स्पीड या फिर सेमी हाई स्पीड कॉरिडोर में रखा जाएगा। इस डीपीआर में रेलवे भूमि की उपलब्धता, अलाइनमेंट और ट्रैफिक की संभावनाओं पर विचार करेगी ताकि इसकी लागत निकल सके। यादव ने कहा कि बुलेट ट्रेन का प्रोजेक्ट दिसंबर 2023 तक पूरा हो जाएगा। इसके लिए 90 फीसदी भूमि अधिग्रहण का कार्य अगले छह माह में पूरा हो जाएगा।