हरदोई के शिव मंदिर में अनोखी घटना, अचानक गोल घेरे में घूमने लगे घंटे, देखें वीडियो

हरदोई– उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में आज एक ऐसा हैरतअंगेज मामला सामने आया जिसे देख कर हर कोई हैरान रह गया।  दरअसल हरदोई जिले के एक गांव में बने मंदिर में छत से टंगे हुए घंटे अचानक अपने आप मंदिर में एक गति से गोलाई में झूमने लगे।  बिना किसी हवा और किसी शोर और बिना किसी के हिलाएं घंटों के मंदिर में गोले घेरे में कभी तेज़ी तो कभी हल्के गति से अपने आप घूमने लगे। इसके बाद मंदिर में इस चमत्कार को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट गई और कुछ ही देर में घंटे

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September 8, 2018

हरदोई– उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में आज एक ऐसा हैरतअंगेज मामला सामने आया जिसे देख कर हर कोई हैरान रह गया।  दरअसल हरदोई जिले के एक गांव में बने मंदिर में छत से टंगे हुए घंटे अचानक अपने आप मंदिर में एक गति से गोलाई में झूमने लगे। 

बिना किसी हवा और किसी शोर और बिना किसी के हिलाएं घंटों के मंदिर में गोले घेरे में कभी तेज़ी तो कभी हल्के गति से अपने आप घूमने लगे। इसके बाद मंदिर में इस चमत्कार को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट गई और कुछ ही देर में घंटे घड़ियाल लेकर जयकारे लगाने के साथ पूजा पाठ शुरू हो गया। करीब दो घंटे तक बिना किसी के हिलाये गोल घेरे में अपने आप घंटे घूमने के बाद स्थिर हो गए लेकिन जिसने भी यह पूरा वाक्या देखा वह इस चमत्कार को देखकर हैरान रह गया। 

हरदोई जिले के हरियावा गांव में आज रात चौगुर्जी बाबा मंदिर में उस समय भीड़ लग गई जब मंदिर के अंदर छत से लटक रहे घंटे अचानक अपने आप गोल घेरे में झूमने लगे। शिव जी का काफी प्रचीन मंदिर में पहले तो लोगों ने इस पर ध्यान नहीं दिया लेकिन जब घूमते समय कभी घंटे की घूमने की गति तेज हो जाती थी तो कभी धीमी हो जाती थी । इसके बाद मंदिर में घंटों के बिना किसी हवा ,बिना किसी शोर और बिना किसी के हिलाये घूमने की यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। जैसे जैसे खबर फैलती गयी मंदिर पर श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई।  हर कोई मंदिर के अंदर जाकर अपने आप घूम रहे घंटों को देखने के लिए आतुर था,तो गांव वाले इसे देवी चमत्कार मानकर श्रद्धा से पूजा-पाठ और जयकारा करने में जुट गए।  करीब दो घंटे तक घंटे अपने आप घूमने के बाद स्थिर हो गए।  लेकिन जिसने भी अपने आप में अजीबोगरीब इस चमत्कारिक घटना को देखा वो दाँतो तले ऊँगली दबा कर रह गया। 

(रिपोर्ट-सुनील अर्कवंशी, हरदोई)