धनतेरस में मासूम को कार में लॉक कर दंपति करने लगे शॉपिंग, फिर हुआ ये

मेरठ– लॉक कार में दम घुट कर बच्चों के दम तोड़ने की खबर आपने आक्सर सुनी होगी। ऐसी ही एक खबर शहर के सबसे व्यस्तम सेंट्रल मार्केट से सामने आई है। जहां धनतेरस की रात मां-बाप की लापरवाही के चलते मासूम की जान पर बन आई। दरअसल माता-पिता आठ महिने की बच्ची को कार में लॉक कर शॉपिंग करने चले गए। बच्ची का दम घुटना शुरू हुआ तो वो रोने लगी। लोगों की नजर कार पर पड़ी तो हड़कंप मच गया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद कार के शीशे तोड़कर बच्ची को बाहर निकाला गया। दो घंटे बाद

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November 6, 2018

मेरठ– लॉक कार में दम घुट कर बच्चों के दम तोड़ने की खबर आपने आक्सर सुनी होगी। ऐसी ही एक खबर शहर के सबसे व्यस्तम सेंट्रल मार्केट से सामने आई है। जहां धनतेरस की रात मां-बाप की लापरवाही के चलते मासूम की जान पर बन आई।

दरअसल माता-पिता आठ महिने की बच्ची को कार में लॉक कर शॉपिंग करने चले गए। बच्ची का दम घुटना शुरू हुआ तो वो रोने लगी। लोगों की नजर कार पर पड़ी तो हड़कंप मच गया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद कार के शीशे तोड़कर बच्ची को बाहर निकाला गया। दो घंटे बाद लौटे दंपती को लोगों ने खूब खरी-खोटी सुनाई। एसपी सिटी ने माफी मांगने पर दंपती को चेतावनी देकर जाने दिया।

मामला नौचंदी थाना क्षेत्र के सेंट्रल मार्केट का है। सोमवार रात करीब दस बजे नौचंदी क्षेत्र का रहने वाला दंपती मार्केट में शॉपिंग करने आया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उन्होंपने मार्केट के बाहर कार खड़ी की और बच्चीश को कार में सोता छोड़कर शॉपिंग करने चले गए। कुछ देर बाद पसीने से तरबतर बच्ची बिलख उठी। उसका दम घुटने लगा तो वह शीशे पर हाथ मारने लगी।

परिवार की नजर कार पर पड़ी

इस दौरान वहां से गुजर रहे एक परिवार की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने इसकी सूचना वहां तैनात पुलिसकर्मियों को दी, लेकिन कोई मदद नहीं की गई। इसके बाद इस परिवार ने लोगों से मदद मांगी। लोगों ने सरिये से कार का लॉक खोलने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं खुला। करीब डेढ़ घंटे तक बच्ची को बाहर निकालने की जद्दोजहद चलती रही। बच्ची के माता-पिता की खोजबीन के लिए एनाउंसमेंट भी कराया गया लेकिन, कुछ पता नहीं चला।

कार का शीशा तोड़ा

नौचंदी क्षेत्र की रहने वाली डॉ. प्रीति ने बताया कि कुछ युवकों ने कार का शीशा तोड़ा और बच्ची बाहर निकाला गई। उस समय बच्ची बदहवास थी। यदि जरा भी देर हो जाती तो उसका दम घुट सकता था। करीब दो घंटे बाद उसके माता-पिता वहां पहुंचे तो लोगों ने उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई और नसीहत दी। एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर बच्ची के माता-पिता को समझाया गया। उन्हें चेतावनी दी गई कि अगर बच्ची को कुछ हो जाता तो उन पर मुकदमा दर्ज किया जा सकता था। माफी मांगने पर उन्हें जाने दिया गया।