यहां सैकड़ों लाउडस्पीकरों की दीवार बनाकर होता है ‘शोर का कंपटीशन’ 

प्रयागराज — विश्व में सभी जगह लोग मधुर और कर्ण प्रिय संगीत सुनने के शौकीन होते हैं । लेकिन संभवत प्रयागराज एक ऐसी जगह है जहां शोर सुनने के शौकीन लोग होते हैं ,और यह नजारा यहां अक्सर त्योहारों पर दिख जाता है। दशहरा में स्थानीय मोहल्लों में अलग-अलग दशहरा मनाया जाता है। रामदल निकलता है। इसी क्रम में बीती रात कटरा का राम दल था। जगह-जगह सैकड़ों लाउडस्पीकर और बड़े-बड़े स्पीकरो की दीवार बनाकर जवाबी कंपटीशन हुआ। यह शोर का कंपटीशन  कितनी तेज आवाज में गाना बजाया जा सकता है इसका होता है। शोर इतना होता है कि लगता

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October 18, 2018

प्रयागराज — विश्व में सभी जगह लोग मधुर और कर्ण प्रिय संगीत सुनने के शौकीन होते हैं । लेकिन संभवत प्रयागराज एक ऐसी जगह है जहां शोर सुनने के शौकीन लोग होते हैं ,और यह नजारा यहां अक्सर त्योहारों पर दिख जाता है।

दशहरा में स्थानीय मोहल्लों में अलग-अलग दशहरा मनाया जाता है। रामदल निकलता है। इसी क्रम में बीती रात कटरा का राम दल था। जगह-जगह सैकड़ों लाउडस्पीकर और बड़े-बड़े स्पीकरो की दीवार बनाकर जवाबी कंपटीशन हुआ। यह शोर का कंपटीशन  कितनी तेज आवाज में गाना बजाया जा सकता है इसका होता है। शोर इतना होता है कि लगता है कान का पर्दा फट जायेगा। दिल धड़कने लगता है।

इस प्रतियोगिता की खास बात है की कुछ खास चौराहों पर प्रतिद्वंदी आमने सामने लाउड स्पीकरों  की दीवार बना देते हैं । सैकड़ों की संख्या में यह दीवार अर्धचंद्राकार ले लेती है।  फिर सड़क के बीच से गुजरने वालों की मुसीबत आ जाती है। लेकिन इसी के बीच में कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो इस का आनंद भी लेते हैं। जब एक पक्ष गाना बजा देता है तो दूसरा बजाता है। इस तरह से एक के बाद एक गाने बजते हैं जिसमें शब्दों से जवाब भी दिया जाता है।

 कुछ लोग इसे ना पसंद करते हैं लेकिन कुछ इसे अपनी परंपरा बना लिए हैं फिलहाल शोर के शौकीनों का यह कार्यक्रम पूरी रात यहां चलता है और लोग आनंद भी उठाते हैं।