पति ने दिया तीन तलाक ,15 दिनों से इन्साफ के लिए दर – दर की ठोकरें खा रही महिला

कौशाम्बी– तीन तलाक को लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भले ही सरकार ट्रिपल तलाक पर नया कानून बनाने की मुहीम में जुटी हो, लेकिन तीन तलाक की घटनाएं थमने का नाम नही ले रही हैं ।  ताजा मामला उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले के मंझनपुर कोतवाली का है, जहाँ एक कलयुगी पति अपनी शराब की लत को पूरी करने के लिए अपनी ही पत्नी को नाजायज़ काम करने के लिए मजबूर करता रहा। बेरहम पति उस पर पिछले तीन सालों तक तमाम जुल्म और अत्याचार करता रहा। दिन ब दिन पति की बढ़ते

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January 9, 2018

कौशाम्बी– तीन तलाक को लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भले ही सरकार ट्रिपल तलाक पर नया कानून बनाने की मुहीम में जुटी हो, लेकिन तीन तलाक की घटनाएं थमने का नाम नही ले रही हैं । 

ताजा मामला उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले के मंझनपुर कोतवाली का है, जहाँ एक कलयुगी पति अपनी शराब की लत को पूरी करने के लिए अपनी ही पत्नी को नाजायज़ काम करने के लिए मजबूर करता रहा। बेरहम पति उस पर पिछले तीन सालों तक तमाम जुल्म और अत्याचार करता रहा। दिन ब दिन पति की बढ़ते अत्याचार से तंग आकर आखिरकार जब पत्नी ने गलत काम करने के लिए मना कर दिया तो बेरहम पति ने उसको फोन पर तीन तलाक दे दिया। इतना ही नही उसके तीन मासूम बच्चों को मदरसे से बहला- फुसलाकर अपने साथ उठा ले गया। पिछले पंद्रह दिनों से पीड़ित महिला इंसाफ के लिए दर-बदर ठोकरे खाने को मज़बूर है। हाल ही में कौशाम्बी दौरे पर आये प्रदेश के प्रमुख सचिव व जिले के नोडल अधिकारी रमा रमण ने भले ही आला अफसरों के साथ समीक्षा बैठक कर कानून का पाठ पढ़ाया हो, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अपने रवैये से बाज़ नही आ रहे है। 

पीड़ित महिला अब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इंसाफ की भीख मांग रही है। एक तरफ हैवान पति का कठोर अत्याचार और दूसरी तरफ मासूम बच्चों से बिछड़ी माँ की फरियाद पर पुलिस से मिली दुत्कार के बाद सवाल तो यही खड़ा होता है कि योगी सरकार के सख्त आदेशो के बावजूद भी क्यों पीड़ित महिलाओं को इंसाफ के लिए दर-बदर की ठोकरे खाने के लिए छोड़ दिया जाता है। फिलहाल कौशाम्बी के पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता भी इस मामले से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं ।

रिपोर्ट- शेषधर तिवारी ,कौशाम्बी