हरदोई-फर्रूखाबाद की दूरी कम करने वाला पुल न बनने से नाराज ग्रामीण कर रहे जल सत्याग्रह

फर्रुखाबाद–जनपद हरदोई व फर्रुखाबाद के बीच की 60 किलोमीटर की दूरी अब महज 24 किलोमीटर ही रह जायेगी| सरकार ने दोनों जिलो को जोड़ने के लिये अर्जुनपुर के पुल को कागजो में मंजूरी दे दी है| केबल वजट सत्र में उसकी मंजूरी होना बाकि है|यह घोषणा बीते 14 मई 2017 को की गयी थी| लेकिन निर्माण आज तक शुरू ना होने से खफा दोनों जिलों के लोग जल सत्यागृह पर बैठ गये| सांसद मुकेश राजपूत व हरदोई के सांसद अंशुल वर्मा ने 14 मई को बढ़पुर के एक गेस्ट हॉउस में प्रेस वार्ता की थी| जिसमे उन्होंने कहा था कि

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June 30, 2018

फर्रुखाबाद–जनपद हरदोई व फर्रुखाबाद के बीच की 60 किलोमीटर की दूरी अब महज 24 किलोमीटर ही रह जायेगी| सरकार ने दोनों जिलो को जोड़ने के लिये अर्जुनपुर के पुल को कागजो में मंजूरी दे दी है| केबल वजट सत्र में उसकी मंजूरी होना बाकि है|यह घोषणा बीते 14 मई 2017 को की गयी थी| लेकिन निर्माण आज तक शुरू ना होने से खफा दोनों जिलों के लोग जल सत्यागृह पर बैठ गये|

सांसद मुकेश राजपूत व हरदोई के सांसद अंशुल वर्मा ने 14 मई को बढ़पुर के एक गेस्ट हॉउस में प्रेस वार्ता की थी| जिसमे उन्होंने कहा था कि अर्जुनपुर का पुल बनने से पिछड़े क्षेत्र के विकास होगा| लगभग 6 महीने के भीतर वजट सत्र में इसकी मंजूरी हो जायेगी| लगभग पौने दो किलोमीटर लम्बे पुल के निर्माण के लिये 65 करोंड़ का वजट मंजूर होने वाला था| दो जिलो को गले मिलाने वाले इस पुल का निर्माण अभी तक शुरू ना होने से खफा फर्रुखाबाद व हरदोई के ग्रामीण व महिलायें अर्जुनपुर के निकट ही रामगंगा में जल सत्याग्रह करने के लिए उतर गये| 

उनकी मांग है की अभी तक निर्माण अभी तक शुरू क्यों नही किया गया।दूसरी तरफ आरटीआई के माध्यम से अमर ज्योति एसोशियन ने पता किया तो कोई भी पुल की मंजूरी नही हुई न ही कोई प्रस्ताव हुआ।नेताओ ने जनता को फर्जी खबर दे दी जिससे जनता खुश हो गई थी लेकिन हकीकत सामने आने पर फर्रुखाबाद व हरदोई जिले के लोगो ने मिलकर जल सत्याग्रह शुरू कर दिया।तकरीबन एक हजार महिलाएं व ग्रामीण जनपद के अर्जुनपुर के आस-पास व हरदोई के बड़ा गाँव आदि के लोग सत्याग्रह में शामिल हुए है| देखना यह होगा कि जनता को उनकी मांग पूरी हो पाती है या नही।राम गंगा की कटरी में में टेंट लगाकर धरना के साथ जल सत्याग्रह शुरू कर दिया है।जिसमे सैकड़ो ग्राम प्रधानों ने अपनी भागीदारी की है।

( रिपोर्ट- दिलीप कटियार, फर्रूखाबाद )