लखनऊ: इस अमरीकी तकनीक से हनुमान सेतु मंदिर हुआ 3 महीने के लिए कोरोना प्रूफ़

लखनऊ–आज हनुमान सेतु मंदिर प्रबंधन ने अमरीकी तकनीक कोविप्रूफ का इस्तेमाल करके तीन महीनो के लिये मंदिर को sanitise कराया है। यह भी पढ़ें-औरैयाः बिना कोचिंग के टॉपर्स उत्कर्ष ने ऐसे पाया प्रदेश में तीसरा स्थान इस तकनीक को भारत में लाने वाली कम्पनी wellness112.in के director सुयश त्रिपाठी का कहना है की यह विश्व की पहली self disinfecting coating है जो की alcohol और bleech रहित है। कोविप्रूफ का इस्तेमाल करके किसी भी सतह को तीन महीने तक के लिए sanitise किया जा सकता है। देश के कई बड़े बड़े मन्दिर और मस्जिद कोविप्रूफ का इस्तेमाल करके अपने श्रद्धालुओं

Written By :

Shweta Singh

Updated

June 27, 2020

लखनऊ–आज हनुमान सेतु मंदिर प्रबंधन ने अमरीकी तकनीक कोविप्रूफ का इस्तेमाल करके तीन महीनो के लिये मंदिर को sanitise कराया है।

यह भी पढ़ें-औरैयाः बिना कोचिंग के टॉपर्स उत्कर्ष ने ऐसे पाया प्रदेश में तीसरा स्थान

इस तकनीक को भारत में लाने वाली कम्पनी wellness112.in के director सुयश त्रिपाठी का कहना है की यह विश्व की पहली self disinfecting coating है जो की alcohol और bleech रहित है। कोविप्रूफ का इस्तेमाल करके किसी भी सतह को तीन महीने तक के लिए sanitise किया जा सकता है। देश के कई बड़े बड़े मन्दिर और मस्जिद कोविप्रूफ का इस्तेमाल करके अपने श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। कोविप्रूफ का इस्तेमाल देश भर में लोग अपने घर दफ़्तर शोरूम गाड़ियों और अन्य जगहों पे करवाकर कोरोना से बचाव कर रहे हैं।

इस तकनीक का इस्तेमाल राष्ट्रपति भवन में भी किया जा चुका है और यह कई सरकारी-ग़ैर सरकारी संस्थानों, बैंकों, रिहाइशी बहुमंज़िला इमारतों में भी अत्यधिक प्रचलित हो रहा है। कोविप्रूफ को एक बार जिस भी सतह पर लगाया जाता है वहाँ कविप्रूफ का विशेष anti-microbial, anti -viral फ़ॉर्म्युला .004 माइक्रॉन की एक परत बना देता है जोकि उस सतह को लगातार तीन महीने तक कोरोना व अन्य वाइरस और becteria से सुरक्षा प्रदान करता है और यदि कोई संक्रमित व्यक्ति उस सतह को छू भी देता है तब भी वहाँ संक्रमण का ख़तरा नहीं होता है। इस तकनीक को हिंदुस्तान में भी मान्यता प्राप्त है और NABL की लैब ने इसको प्रमाणित भी किया है। अधिक जानकारी www.wellness112.in से प्राप्त की जा सकती है।