कानपुर में बड़ा हादसा,जबलपुर एक्सप्रेस की चपेट में आईं 15 से अधिक गाय,दर्दनाक मौत

कानपुर–यूपी में कानपुर के सचेंडी के सीढ़ी इटारा गांव के पास कानपुर आ रही तेज रफ्तार चित्रकूट एक्सप्रेस शुक्रवार सुबह पटरी पर आए मवेशियों के झुंड से टकराकर पलटने से बची। 16 मवेशियों की कटकर मौत हो गई। ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका।  आधे घंटे तक ट्रेन मौके पर ही खड़ी रही। गेटमैन और आरपीएफ की लापरवाही पाई गई है। सुबह 7:05 बजे सीढ़ी इटारा गांव के पास ट्रैक पर रेलवे क्रॉसिंग से 50 मीटर की दूरी पर मवेशियों के झुंड से ट्रेन टकरा गई। गेटमैन कामता ट्रेन के आने की सूचना मिलने पर वह गेट बंद

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November 17, 2018

कानपुर–यूपी में कानपुर के सचेंडी के सीढ़ी इटारा गांव के पास कानपुर आ रही तेज रफ्तार चित्रकूट एक्सप्रेस शुक्रवार सुबह पटरी पर आए मवेशियों के झुंड से टकराकर पलटने से बची। 16 मवेशियों की कटकर मौत हो गई। ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका। 

आधे घंटे तक ट्रेन मौके पर ही खड़ी रही। गेटमैन और आरपीएफ की लापरवाही पाई गई है। सुबह 7:05 बजे सीढ़ी इटारा गांव के पास ट्रैक पर रेलवे क्रॉसिंग से 50 मीटर की दूरी पर मवेशियों के झुंड से ट्रेन टकरा गई। गेटमैन कामता ट्रेन के आने की सूचना मिलने पर वह गेट बंद कर चुका था। मवेशियों का झुंड नहर की तरफ से ट्रैक पर आ रहा था।

ग्रामीणों के मुताबिक अगर पहले ही ट्रेन को रुकवाने के इंतजाम होते या फिर लाल झंडी दिखाकर ट्रेन को रोका जाता तो इतनी तेज टक्कर न होती आरपीएफ की पेट्रोलिंग न होना भी हादसे की वजह बताया जा रहा है।

इसके बाद मौके पर ट्रेन आधे घंटे तक खड़ी रही और वहां से 7:35 बजे रवाना हुई। सुबह 8:25 बजे ट्रेन के सेंट्रल पहुंचने पर मैकेनिकल विभाग की टीम ने ट्रेन की चेक किया। इससे 25 मिनट तक सेंट्रल पर भी ट्रेन खड़ी रही। भीमसेन में आरपीएफ चौकी प्रभारी देवी सिंह ने पूरे प्रकरण से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि घटनास्थल उनका क्षेत्र नहीं है।