‘सरकार हज सब्सिडी बन्द करे’- नय्यर मियां

फर्रुखाबाद–ऑल इण्डिया उलेमा मशाइख बोर्ड के कार्यकारी सदस्य एवं उत्तर प्रदेश व छत्तीसगढ के प्रदेशाध्यक्ष शाह अम्मार अहमद अहमदी उर्फ नय्यर मियां ने वार्ता करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर आरोप लगाए। उ0प्र0 कें फैजाबाद जिले से आये नय्यर मियां  फर्रुखाबाद जिले में शहर फतेहगढ लोको रोड स्थित दरगाह हजरत मखदमू शैय्यद शाहबुददीन औलिया आंलैहि रहमा के 3 दिवसीय 298वें वार्षिक उर्स में दरगाह पर नवाज अदायेगी के बाद पत्रकारों सें बातचीत कर रहे थें। उन्होने मुसलमानों का पक्ष रखते हुए कहा कि जिसके पास पैसे नही हो उसे हज जाने की जरुरत नही होनी चाहिए,सरकार हज सब्सिडी बन्द करें।

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October 26, 2018

फर्रुखाबाद–ऑल इण्डिया उलेमा मशाइख बोर्ड के कार्यकारी सदस्य एवं उत्तर प्रदेश व छत्तीसगढ के प्रदेशाध्यक्ष शाह अम्मार अहमद अहमदी उर्फ नय्यर मियां ने वार्ता करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर आरोप लगाए।

उ0प्र0 कें फैजाबाद जिले से आये नय्यर मियां  फर्रुखाबाद जिले में शहर फतेहगढ लोको रोड स्थित दरगाह हजरत मखदमू शैय्यद शाहबुददीन औलिया आंलैहि रहमा के 3 दिवसीय 298वें वार्षिक उर्स में दरगाह पर नवाज अदायेगी के बाद पत्रकारों सें बातचीत कर रहे थें। उन्होने मुसलमानों का पक्ष रखते हुए कहा कि जिसके पास पैसे नही हो उसे हज जाने की जरुरत नही होनी चाहिए,सरकार हज सब्सिडी बन्द करें। लेकिन सरकार से टैक्स अदा करने वाले मुसलमानों कों भी सुविधाओं के तोहफे पाने का अधिकार हों। हज जाने वाले मुस्लिमों को अन्तर्राष्ट्रीय एयर टिकट की सुविधा मिलनी चाहिए।जो सरकार नही कर रही है।

मुस्लिम महिलाओं के तीन तलाक के सवाल पर नैय्यर मियां ने बताया कि एक मजलिस में तीन तलाक शरीयत में जारी है जो हमारे यहां गुंनाह है। सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होने कहा कि सरकार की मंशा साफ नही है यदि मुस्लिम महिलाओं के प्रति सरकार की मंशा अच्छी होती तों देश में एक मुस्लिम गर्ल्स यूनीवर्सटी बनाती और उसमें मुस्लिम महिलाओं कों अच्छे से अच्छी तालीम दिये जाने की व्यवस्था करती। आरोप लगाते हुए उन्होने कहा कि सरकार की मंशा यदि साफ होती तो यू0पी0ए सरकार ने मोर्डन तालीम के लिए शुरु किये गये आर्दश मदरसा आधुनिकीकरण स्कीम चलाई थी। जिसमें प्रत्येंक मदरसें में 4-5 टीचरों को रखा गया। जिन्हे वेतन नही दिया गया, पिछले 4-5 सालों से केन्द्र सरकार ने मदरसा आधुनिकी करण पर कोई खर्चा नही किया वही किसी भी शिक्षक का वेतन नही दिया जों सरकार की मंशा साफ न होने पर सवाल खड़ा कर रहा है। 

(रिपोर्ट-दिलीप कटियार, फर्रूखाबाद)