पृथ्वी शॉ में दिखती है सचिन, सहवाग और लारा की झलकःरवि शास्त्री 

स्पोर्ट्स डेस्क — डेब्यू टेस्ट में शतक और फिर बाद में मैन ऑफ द सीरीज का खिताब जीतने वाले बन पृथ्वी शॉ ने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिये है.इस दौरान उनकी तुलना कई दिग्गज खिलाडियों से की जाने लगी है. किसी ने उनकी तुलना महान सचिन तेंदुलकर से की तो किसी ने उनमें विस्फोटक बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग की झलक देखी. वहीं भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच रवि शास्त्री को इस प्रतिभावान युवा खिलाड़ी में आधुनिक युग के दो सफलतम बल्लेबाज के साथ एक ऐसे बल्लेबाज की झलक दिखती है जिसने बल्लेबाजी के नियमों के दायरे से हटकर खेलकर सफलता

Written By :

admin

Updated

October 15, 2018

स्पोर्ट्स डेस्क — डेब्यू टेस्ट में शतक और फिर बाद में मैन ऑफ द सीरीज का खिताब जीतने वाले बन पृथ्वी शॉ ने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिये है.इस दौरान उनकी तुलना कई दिग्गज खिलाडियों से की जाने लगी है.

किसी ने उनकी तुलना महान सचिन तेंदुलकर से की तो किसी ने उनमें विस्फोटक बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग की झलक देखी. वहीं भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच रवि शास्त्री को इस प्रतिभावान युवा खिलाड़ी में आधुनिक युग के दो सफलतम बल्लेबाज के साथ एक ऐसे बल्लेबाज की झलक दिखती है जिसने बल्लेबाजी के नियमों के दायरे से हटकर खेलकर सफलता हाशिल की.

दरअसल हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में खेले गए दूसरे टेस्ट में भारत की 10 विकेट से बड़ी जीत के बाद शास्त्री ने कहा कि 18 साल के इस सलामी बल्लेबाज में सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा और वीरेन्द्र सहवाग की झलक दिखती है.

भारतीय कोच ने कहा, ‘‘उसका (शॉ) जन्म क्रिकेट खेलने के लिए ही हुआ है. वह आठ साल की उम्र से मुंबई के मैदानों में खेल रहा है. आप उसकी कड़ी मेहनत देख सकते हो. दर्शकों को भी उसका खेल शानदार लगता है. उसमें थोडी सचिन की और थोड़ी सहवाग की झलक दिखती है और जब वह चलता है तो उसमें लारा की भी झलक दिखती है.’’उन्होंने कहा, ‘‘अगर वह खुद को एकाग्र रखता है और खेल पर ध्यान देता है तो उसका भविष्य उज्ज्वल है.

अपने पहले टेस्ट में शतक लगाने वाले शॉ ने दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन 53 गेंद में 70 रन की पारी खेल भारत को शानदार शुरूआत दिलायी. वह दूसरी पारी में भी 33 रन पर नाबाद रहे.

इसके अलावा शास्त्री ने इस मौके पर उमेश यादव की भी तारीफ की जिन्होंने मैच में 10 विकेट लिए. वह कपिल देव और श्रीनाथ के बाद भारतीय सरजमीं पर 10 विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘एक खिलाड़ी के तौर बेंच पर बैठना काफी निराश करने वाले वाला होता जैसा उमेश के साथ चार मैचों में हुआ. सिर्फ ग्यारह खिलाड़ी खेल सकते हैं. उसने यहां मिले मौका का फायदा उठाया, मैं उसके लिए खुश हूं. ऐसा प्रदर्शन सिर्फ चौथी बार हो रहा है (भारत में तेज गेंदबाज के द्वारा टेस्ट में 10 विकेट लेना.)’’भारतीय कोच ने इस मौके पर विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत की भी तारीफ की और लोकेश राहुल का बचाव किया.