10 दिनों की देशव्यापी हड़ताल पर किसान, दूध और सब्ज़ियां सड़क पर​ फेंकी

नई दिल्ली– 1 जून से मध्य प्रदेश समेत 22 राज्यों के किसान हड़ताल पर हैं. स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करवाने और किसानों की आमदनी बेहतर करने की मांग को लेकर 1 जून से 10 जून तक सब्‍जी, फल और दूध की सप्लाई रोकने की घोषणा किसान नेताओं द्वारा की गई है. राज्य सरकारों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शहरों में पुलिस की तैनाती कर दी है. कई जगह स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. अगर 10 दिन तक किसानों का यह आंदोलन चलता है तो शहर में सब्जियों और खाद्य पदार्थ को लेकर संकट खड़ा हो सकता है.आंदोलन के दौरान

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June 2, 2018

नई दिल्ली– 1 जून से मध्य प्रदेश समेत 22 राज्यों के किसान हड़ताल पर हैं. स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करवाने और किसानों की आमदनी बेहतर करने की मांग को लेकर 1 जून से 10 जून तक सब्‍जी, फल और दूध की सप्लाई रोकने की घोषणा किसान नेताओं द्वारा की गई है.

राज्य सरकारों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शहरों में पुलिस की तैनाती कर दी है. कई जगह स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. अगर 10 दिन तक किसानों का यह आंदोलन चलता है तो शहर में सब्जियों और खाद्य पदार्थ को लेकर संकट खड़ा हो सकता है.आंदोलन के दौरान किसानों ने सब्जी, दूध और किसी भी तरह के अन्य उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने से मना किया है.

राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के अध्यक्ष शिव कुमार शर्मा उर्फ कक्का जी ने कहा,‘इस आंदोलन के अंतिम दिन 10 जून को ‘भारत बंद’ का आह्वान पूरे देश के किसान संगठनों द्वारा किया जायेगा तथा शहर के व्यापारियों, समस्त प्रतिष्ठानों से निवेदन किया जायेगा कि देश के इतिहास में पहली बार अन्नदाता अपनी बुनियादी मांगों को लेकर ‘भारत बंद’ का आह्वान कर रहा है. इसलिए उस दिन (10 जून) वे दोपहर 2 बजे तक अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर अन्नदाता के आंदोलन में सहयोग प्रदान करें’ .