घाघरा नदी की कटान से पानी में समा गया प्रसिद्ध प्राचीन मंदिर

बहराइच–महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी तांडव मचाए हुए है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान भी तेज हो गई है। एल्गिन महसी क्षेत्र में प्राचीन मंदिर समेत करीब 20 बीघा जमीन नदी में समाहित हो गयी । नेपाल के पहाड़ी इलाकों के साथ ही जिले में हुई भारी बरसात के बीच घाघरा नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ना शुरू हो गया है। घाघरा नदी दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। जिसके चलते बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी भर गया है। महसी तहसील क्षेत्र के कोढ़वा गांव निवासी  संजय त्रिवेदी व सुबोध

Written By :

Shweta Singh

Updated

September 20, 2019

बहराइच–महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी तांडव मचाए हुए है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान भी तेज हो गई है। एल्गिन महसी क्षेत्र में प्राचीन मंदिर समेत करीब 20 बीघा जमीन नदी में समाहित हो गयी ।

नेपाल के पहाड़ी इलाकों के साथ ही जिले में हुई भारी बरसात के बीच घाघरा नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ना शुरू हो गया है। घाघरा नदी दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। जिसके चलते बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी भर गया है। महसी तहसील क्षेत्र के कोढ़वा गांव निवासी  संजय त्रिवेदी व सुबोध त्रिवेदी समेत तीन ग्रामीणों के मकान समाहित हो गए हैं। वहीं करीब 20 बीघा खेती योग्य जमीन भी नदी में समाहित हुई है।

गांव के लोग अपने मकानों को तोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। कोढ़वा गांव में 20 वर्ष पुराना दुर्गा मंदिर भी नदी की धारा की भेंट चढ़ गया है। एसडीएम एसएन त्रिपाठी व तहसीलदार राजेश वर्मा ने मौके का निरीक्षण किया है।

(रिपोर्ट-अनुराग पाठक,बहराइच)