शरद यादव को झटका, नीतीश के पास रहेगा ‘तीर’

पटना — चुनाव आयोग ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) का चुनाव चिह्न का मामला सुलझाते हुए नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू को चुनाव चिह्न ‘तीर’ देने का फैसला किया। इसी के साथ चुनाव आयोग ने छोटू भाई अमरसंग वसावा की अपने ग्रुप को असली जेडीयू बताने वाली याचिका को भी खारिज कर दिया है। चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि नीतीश के पास विधायकों का अच्छा समर्थन है। चुनाव आयोग के इस फैसले से शरद यादव खेमे को झटका लगा है।  बता दें कि महागठबंधन टूटने के बाद से दोनों खेमों के बीच चुनाव चिह्न को लेकर

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November 17, 2017

पटना — चुनाव आयोग ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) का चुनाव चिह्न का मामला सुलझाते हुए नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू को चुनाव चिह्न ‘तीर’ देने का फैसला किया। इसी के साथ चुनाव आयोग ने छोटू भाई अमरसंग वसावा की अपने ग्रुप को असली जेडीयू बताने वाली याचिका को भी खारिज कर दिया है।

चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि नीतीश के पास विधायकों का अच्छा समर्थन है। चुनाव आयोग के इस फैसले से शरद यादव खेमे को झटका लगा है। 

बता दें कि महागठबंधन टूटने के बाद से दोनों खेमों के बीच चुनाव चिह्न को लेकर विवाद था। इससे पहले जेडीयू के नीतीश कुमार वाले खेमे ने सोमवार को चुनाव आयोग से मिलकर पार्टी के चुनाव चिह्न पर जल्द फैसला लेने की मांग की। शरद यादव गुट भी पार्टी के चुनाव चिह्न ‘तीर’ पर अपना दावा कर रहा था। नीतीश खेमे का आरोप था कि शरद गुट इस फैसले को लटकाना चाहता है ताकि गुजरात विधानसभा चुनाव में पार्टी के निशान का इस्तेमाल न हो। 

इसी के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में अब जेडीयू गुजरात विधानसभा चुनाव में अपनी चार-पांच परंपरागत सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इस बारे में जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने बताया कि पार्टी के राज्यसभा सदस्यों को छोड़कर जेडीयू के सभी विधायकों और सांसदों ने नीतीश कुमार का समर्थन किया था और इस संबंध में चुनाव आयोग में शपथपत्र भी दिया था।