स्वास्थ्य विभाग में लाखों रूपये का गबन,दो बाबू सहित चार गिरफ्तार

बलिया — यूपी के बलिया में स्वास्थ्य विभाग के भीतर कूटरचित फर्जीवाड़ा कर लाखो रूपये गबन करने का बड़ा मामला सामने आया है। जहां फर्जी बिलो पर फर्जी हस्ताक्षर बनाकर लगभग 50 लाख रुपये से अधिक की धनराशि गबन करने की कोशिश के आरोप में एनएचएम के एक अधिकारी, दो बाबू सहित कुल 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। फर्जी तरीके से हस्ताक्षर बनाकर लाखों के गबन के साजिशकर्ताओं ने वर्तमान सीएमओ के साथ साथ एक मृत सीएमओ को भी नहीं छोड़ा। फर्जीवाड़ा और जालसाजी करने वाले किस तरह अपने काले कारनामों को अंजाम देते हैं। यह देखने

Written By :

SK Sharma

Updated

November 29, 2019

बलिया — यूपी के बलिया में स्वास्थ्य विभाग के भीतर कूटरचित फर्जीवाड़ा कर लाखो रूपये गबन करने का बड़ा मामला सामने आया है। जहां फर्जी बिलो पर फर्जी हस्ताक्षर बनाकर लगभग 50 लाख रुपये से अधिक की धनराशि गबन करने की कोशिश के आरोप में एनएचएम के एक अधिकारी, दो बाबू सहित कुल 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। फर्जी तरीके से हस्ताक्षर बनाकर लाखों के गबन के साजिशकर्ताओं ने वर्तमान सीएमओ के साथ साथ एक मृत सीएमओ को भी नहीं छोड़ा।

फर्जीवाड़ा और जालसाजी करने वाले किस तरह अपने काले कारनामों को अंजाम देते हैं। यह देखने को मिला बलिया के एनएचएम विभाग में जहां एक जांच के दौरान लगभग 50 लाख रुपये गबन करने के कोशिश के आरोप में एनएचएम के जिला लेखा प्रबंधक , स्वास्थ विभाग के दो बाबू और एक फर्म के प्रोपराइटर को गिरफ्तार कर लिया गया। दरअसल संयुक्त मजिस्ट्रेट विपिन कुमार के जांच में सरकारी धन के लूट का मामला सामने आया है।

जांच में पाया गया कि 22 लाख और उससे ऊपर तक का भुगतान सिर्फ एक कोटेशन के आधार पर किया गया। यही नही बिना किसी टेंडर के मात्र एक पेज के बिल पर 50 लाख तक का भुगतान कर दिया गया था। सबसे खास बात तो ये है कि जिस वर्तमान सीएमओ डॉक्टर प्रीतम शुक्ल का हस्ताक्षर कागजात पर किया गया उस दिन उस डेट पर बलिया के सीएमओ एक शादी समारोह में बलिया से बाहर गये थे।

स्वास्थ्य विभाग में हुए इस फर्जीवाड़े और सरकारी धन के लूट कांड के इस कोशिश में सबसे चौकाने वाला तथ्य तब सामने आया जब जांच के दौरान पाया गया कि साजिश कर्ताओ ने मृत सीएमओ के हस्ताक्षर कम्प्यूटर से स्केन कर लगा दिये थे। जब कि बलिया के पूर्व सीएमओ डॉक्टर एसपी राय की मृत्यु 12 फरवरी 2019 को हो गयी थी और उनकी फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल उनकी मृत्यु के बाद किया गया था। इस फर्जी हस्ताक्षर के जरिये स्वास्थ्य विभाग के इन घोटाले बाजो ने लाखों रुपये इधर से उधर कर दिये।

(रिपोर्ट- मनोज चतुर्वेदी,बलिया)