मामूली इलाज के लिए आई युवती को डाक्टरो ने बनाया अपंग

न्यूज डेस्क– रायबरेली के डलमऊ थाना क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल कितना बदतर है इस बात का अंदाजा आप इस घटना से लगा सकते हैं कि यहां खुलेआम झोलाछाप डॉक्टर मरीजों की जिंदगी को बर्बाद करने में लगे हैं और प्रशासन है कि जान कर भी अंजान बना हुआ है।  एक बार फिर से झोलाछाप डॉक्टर की करतूत सामने आई है। यहां एक डॉक्टर ने महिला मरीज का ऐसा इलाज किया कि वह वह हमेशा के लिए अपंग हो गई। छोटी सी बीमारी के इलाज के लिए डॉक्टर को दिखाने गई डलमऊ की अल्फिया को इतनी बड़ी सजा भुगतनी

Written By :

admin

Updated

April 25, 2018

न्यूज डेस्क– रायबरेली के डलमऊ थाना क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल कितना बदतर है इस बात का अंदाजा आप इस घटना से लगा सकते हैं कि यहां खुलेआम झोलाछाप डॉक्टर मरीजों की जिंदगी को बर्बाद करने में लगे हैं और प्रशासन है कि जान कर भी अंजान बना हुआ है। 

एक बार फिर से झोलाछाप डॉक्टर की करतूत सामने आई है। यहां एक डॉक्टर ने महिला मरीज का ऐसा इलाज किया कि वह वह हमेशा के लिए अपंग हो गई। छोटी सी बीमारी के इलाज के लिए डॉक्टर को दिखाने गई डलमऊ की अल्फिया को इतनी बड़ी सजा भुगतनी पड़ेगी ये शायद उसने कभी नहीं सोचा होगा।

डलमऊ छेत्र के बीबीपुर के रहने वाले मोहम्मद शकील की लड़की अल्फिया के सीने में दर्द था जिसकी दवा पास के ही झोलाछाप डॉक्टर से ली और दवा खाने के बाद उसका हाथ और पैर दोनों काम करना बंद कर दिया है। झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानें खुले आम चल रही है और शासन-प्रशासन मौन है।

जब इस घटना के बारे में डलमऊ सीएचसी में तैनात अधीक्षक विनोद कुमार चौहान से बातचीत की गई तो उन्होंने इस मामले को लेकर अनभिज्ञता जाहिर की। उनका कहना था कि झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन वे इससे संबंधित कोई दस्तावेज देने में असमर्थ रहे।

फिलहाल यह कोई नया मामला मामला नहीं है, बल्कि घुरवारा, सलवन रोड, जोहवांटकी, गदागंज, कठगर, देवली, नरेन्द्रपुर, कनहा,बरारा बुजुर्ग आदि गांव में झोलाछाप डॉक्टरों ने एक मकड़जाल फैला रखा है जो किसी से छुपा नहीं है। लेकिन खाओ कमाओ नीति के तहत जो भी इनके ऊपर कार्रवाई करने के लिए टीम गठित की जाती है वह सिर्फ खानापूर्ति कर अपने काम से निजात पा जाते हैं और कागजों का कोरम पूरा कर विभाग से शाबाशी लेते हैं।