दबंगों का कहर जारी, प्रशासन मौन, 40 वर्षों से गांव में रह रहे बंजारों ने छोडा आशियाना

फर्रुखाबाद–योगी सरकार लाख कहे दबंगो दबंगई छोड़ जाओ या यूपी छोड़ जाओ । फर्रुखाबाद में पुलिस प्रशासन की सह पर दबंगो की दबंगई इस कदर हावी है की एक जगह  40 वर्ष से रह रहे लगभग  20 परिवार भूमि विवाद की दहशत में गांव से पलायन कर गए।  दहशत का आलम यह है कि कोई डर के कारण मुंह खोलने को भी तैयार नहीं। जबकि सरकार ने उन्हें जमीन के पट्टे दे दिए गए। पीएम आवास योजना में आठ के आवास स्वीकृत हो गए। कायमगंज तहसील के ग्राम सुभानपुर में बंजारा बस्ती में करीब 30 परिवार विगत चार दशकों से

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September 13, 2018

फर्रुखाबाद–योगी सरकार लाख कहे दबंगो दबंगई छोड़ जाओ या यूपी छोड़ जाओ । फर्रुखाबाद में पुलिस प्रशासन की सह पर दबंगो की दबंगई इस कदर हावी है की एक जगह  40 वर्ष से रह रहे लगभग  20 परिवार भूमि विवाद की दहशत में गांव से पलायन कर गए। 

दहशत का आलम यह है कि कोई डर के कारण मुंह खोलने को भी तैयार नहीं। जबकि सरकार ने उन्हें जमीन के पट्टे दे दिए गए। पीएम आवास योजना में आठ के आवास स्वीकृत हो गए। कायमगंज तहसील के ग्राम सुभानपुर में बंजारा बस्ती में करीब 30 परिवार विगत चार दशकों से ग्राम पंचायत की जमीन पर झोपड़ियां डालकर रह रहे थे। प्रधान सलमान खान के प्रयास से करीब 6 माह पूर्व सभी 30 परिवारों को प्रशासन ने उनकी कब्जे वाली जमीन के पट्टे दे दिए। जिसमें आठ का प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयन हो गया। जब इन आवासों का निर्माण शुरू हुआ तो मुकदमेबाजी के आधार पर कुछ दबंग ग्रामीणों की ओर से आवास निर्माण का विरोध किया गया। प्रकरण कोतवाली के समाधान दिवस में पहुंचा।

वहां उपजिलाधिकारी के हस्तक्षेप से प्रकरण निस्तारित हो गया।इस बंजारा बस्ती में रात के समय कई बार आग लगी। इससे बस्ती के लोग भयभीत हो गए। अचानक इस बस्ती के अधिकांश परिवार अपने घर छोड़कर पलायन करने लगे। ग्राम प्रधान सलमान खान ने भी पलायन की वजह पूछी तो इतना ही कहा कि उन्हें अपने बाल बच्चों व अपनी जान बचानी है। इसके बाद अधिकांश परिवार रोते-बिलखते हुए अपने घर खाली कर चले गए। उन लोगों को इतना धमकाया गया कि वह सब अपना आशियाना छोड़कर निकल भागे।  भय के कारण कोई  कुछ कहने व करने की स्थिति में हैं।राम प्रधान सलमान खान का कहना है कि उन्होंने इन लोगों को सारी सुविधाएँ उपलब्ध करायीं पर वह हैरत में है कि इतनी सुविधाएं होने के बावजूद ग्रामीण अपनी बस्ती छोड़ क्यों चले गए।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तस्कीम बेगम, उमर मोहम्मद, मोहम्मद हसन, नब्बी, इकरार, गुड़िया व नन्हू, शरीफन को स्वीकृति मिल गई थी। जिसके निर्माण के लिए उनके बैंक खातों में पहली किस्त की धनराशि भी आ गई, लेकिन ग्रामीणों के पलायन कर जाने के कारण उनके बैंक खातों पर रोक लगा दी गई है।  ग्राम सुभानपुर में बंजारा बस्ती के ग्रामीणों की सुविधा के लिए एक सामुदायिक शौचालय का निर्माण भी कराया, लेकिन बस्ती से ग्रामीणों के पलायन से यह निष्प्रयोज्य हो गया है। कायमगंज ब्लाक के सुभानपुर गाँव की यह बस्ती वीरान पड़ी है। कभी यहाँ बच्चों की किलकारी गूँजती थी, महिलाओं की चहलकदमी रहती थी पर यह बस्ती वीरान पड़ी है।सब कुछ शांत पड़ा है. यह चूल्हा देखिये यह साफ़ बता रहा है कि कई दिन से इस पर खाना नहीं बना। लोग दबंगों के खौफ और भय से यह बस्ती छोड़ कर चले गए हैं। यहाँ आसपास रह रहे लोग भी इन पलायन कर गए लोगों के बारे में कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं। कई दिन बाद भी प्रशासन हरकत में नहीं आया है।

जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बताया कि सुभानपुर में इन लोगों के प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए थे।उनका निर्माण शुरू होने के वक्त उनका किसी से विवाद हुआ और वे घर छोड़ कर चले गए। उपजिलाधिकारी कायमगंज चले गए लोगों के संपर्क में हैं और वे लोग जल्द वापस आ जायेंगे। जब इस मामले में पुलिस अधिकारियो से बात करनी चाही तो कुछ भी बोलने से बचते नजर आये ।

(रिपोर्ट-दिलीप कटियार, फर्रूखाबाद )