राजकीय गो सदन में फैली बीमारी, आठ दिन के अंदर कई गायों की मौत

फर्रुखाबाद– लगभग चार दशक से थाना मऊदरवाजा क्षेत्र में चल रहा राजकीय गौ सदन एक हजार बीघा भूमि का मालिक होने के बाद भी गरीब है| गौ-सदन का भवन अपनी उपेक्षा की कहानी चीख-चीख कर कह रहा है| लेकिन उस तरफ शासन प्रशासन का कोई ध्यान नही है|  इस गो सदन कटरी धर्मपुर में खुरपका व मुंहपका बीमारी फैलने से आठ दिन के भीतर 11 गायों को मौत हो चुकी है।कई गोवंश बीमार चल रहे है। पशु चिकित्साधिकारी के अधीन आने वाले इस गो सदन में बंद गोवंश को समुचित इलाज न मिल पाने से रोज एक दो  गाय ने

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November 12, 2018

फर्रुखाबाद– लगभग चार दशक से थाना मऊदरवाजा क्षेत्र में चल रहा राजकीय गौ सदन एक हजार बीघा भूमि का मालिक होने के बाद भी गरीब है| गौ-सदन का भवन अपनी उपेक्षा की कहानी चीख-चीख कर कह रहा है| लेकिन उस तरफ शासन प्रशासन का कोई ध्यान नही है| 

इस गो सदन कटरी धर्मपुर में खुरपका व मुंहपका बीमारी फैलने से आठ दिन के भीतर 11 गायों को मौत हो चुकी है।कई गोवंश बीमार चल रहे है। पशु चिकित्साधिकारी के अधीन आने वाले इस गो सदन में बंद गोवंश को समुचित इलाज न मिल पाने से रोज एक दो  गाय ने दम तोड़ रही है । गो सदन का आलम यह है कि यहां सरकार की तरफ आये आदेश के बाद शहर क्षेत्र से आवारा गोवंश को पकड़कर बन्द किया जा रहा है। इस गो सदन में मौजूदा समय मे 209 गोवंश बन्द हैं जिनमें 56 गायें, 96 सांड औऱ शेष बछड़ा बछिया है। 

शहर में आवारा जानवरों की समस्या कई दशक से है। सांड़ों की हमले से दो लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल हुए हैं। इसके बाद नगर पालिका ने गत माह गोवंश पकड़ने के लिए ठेका दिया था। ठेकेदार के लोग एक सप्ताह से धरपकड़ अभियान चला रहे हैं। जिसमें सैकड़ों गोवंश पकड़े जा चुके हैं। इनमें सांड़ों की संख्या अधिक है। गोवंश को ठेकेदार राजकीय गोसदन में जाकर बंद कर रहे हैं। इस कारण वहां अव्यवस्था हो गयी है। गोवंश के खाने के लिए सूखा भूसा डाला जा रहा है। पीने के पानी की भी सही व्यवस्था नहीं है। पकड़े जाने के दौरान गोवंश घायल हो जाते हैं। किसी के सींग टूट गए, तो किसी के शरीर पर घाव हो गए हैं। इनके इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे दो सांड़ों की मौत हो गयी। सांड़ गायों पर हमला भी कर देते हैं। जिनसे बचने के लिए वह परिसर में ही भागती हैं। 

सबसे खास बात यह है कि इस गो सदन में पांच कर्मचारी मौजूद  है। इस गो सदन की हजारों बीघा भूमि पर प्रबन्धक ने किसानों से पैसा लेकर कब्जा करवा दिया है। न यहां प्रबन्धक आते हैं और न ही कोई अधिकारी यहां बन्द गोवंश की खबर लेने आता है। यहां फैली बीमारी की वजह से दर्जनों गोवंश बीमार हैं और कई की मौत हो चुकी है।

(रिपोर्ट-दिलीप कटियार, फर्रूखाबाद)