यहां पैसे लेकर बांटी जाती है मौत…

अम्बेडकरनगर–सरकार भले ही क्यों न लोंगों के इलाज के लिए नए नए मेडिकल कालेज खोल रही हो और बेहतर इलाज के लिए नई नई योजनाएं क्यों न बना रही हो पर यहां तो मरीजों से पैसे लूटने के चक्कर कुकुरमुत्ते की तरह हर गली , हर चौराहे पे फर्जी हॉस्पिटल खोल कर बैठे हुए है। इन हॉस्पिटलों में इलाज हो न हो पर पैसे लेकर मौत जरूर दी जा रही है।इलाज में लापरवाही से एक आँगनवाड़ी कार्यकत्री की मौत के बाद चारो तरफ हड़कंप मचा हुआ है । मामला अम्बेडकरनगर जिले के आलापुर थाना क्षेत्र के राम नगर का है

Written By :

Shweta Singh

Updated

January 16, 2020

अम्बेडकरनगर–सरकार भले ही क्यों न लोंगों के इलाज के लिए नए नए मेडिकल कालेज खोल रही हो और बेहतर इलाज के लिए नई नई योजनाएं क्यों न बना रही हो पर यहां तो मरीजों से पैसे लूटने के चक्कर कुकुरमुत्ते की तरह हर गली , हर चौराहे पे फर्जी हॉस्पिटल खोल कर बैठे हुए है।

इन हॉस्पिटलों में इलाज हो न हो पर पैसे लेकर मौत जरूर दी जा रही है।इलाज में लापरवाही से एक आँगनवाड़ी कार्यकत्री की मौत के बाद चारो तरफ हड़कंप मचा हुआ है । मामला अम्बेडकरनगर जिले के आलापुर थाना क्षेत्र के राम नगर का है , जहां पाइल्स से परेसान 43 वर्षीय आंगनवाड़ी सहायिका कमलेश गौतम इलाज के लिए आलापुर में स्थित एक नर्सिंग होम पर गई। जहां डॉ एन के मिश्रा ने उसे आप्रेशन के बहाने भर्ती कर लिया। रात में जब उसकी तबियत और बिगड़ गई तो मृतिका के पति राम दुलारे ने पहले तो वार्ड व्याय को जगाने का प्रयास किया जब वो नहीं जागा तो डॉ को जगाया डॉ एन के मिश्रा ने एक इंजेक्शन दिया और जाके सो गया। दुबारा चेक नहीं किया। सुबह होते होते कमलेश की मौत हो गई , जिससे परिवार में कोहराम मच गया। मृतिका के पति राम दुलारे ने डॉ पर लापरवाही का आरोप लगाया कि इनकी लापरवाही से ही मौत हुई है और थाने में तहरीर दिया ।

नर्सिंग होम के मालिक और डॉ एन के मिश्रा ने बताया कि महिला कमलेश को पाइल्स का ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया गया था रात में हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई , पर जब हमने उनसे पूछा की क्या आपका ये नर्सिंग होम रजिस्टर्ड है तो कितने कांफीडेंस से बताया कि अभी निर्माण चल रहा है और रानिस्ट्रेशन अभी नहीं हुआ है ।

अब ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि जिले भर में चल रहे अवैध नर्सिंग होम किसकी सह पर चल रहे है , जहां मरीजों से भारी भरकम पैसे लेकर इलाज कम मौत ज्यादा हो रही है। इसको रोकने के जिम्मेदार अधिकारी अपनी केबिनों से निकलने की जहमत भी नहीं उठा रहे है ।

(रिपोर्ट-कार्तिकेय द्विवेदी, अम्बेडकरनगर)