कोरोना का कहरः मेट्रो व एसी बसों में सफर पड़ सकता है भारी

वातानुकूलित जगहों पर कोरोना 30 मिनट तक जिंदा रह सकता है जबकि 4.5 मीटर तक फैलने में भी सक्षम है. इस खोज के बाद अब दुनिया भर में सार्वजनिक..

Written By :

SK Sharma

Updated

March 9, 2020

न्यूज डेस्कः पूरी दुनिया में कोरोना वायरस(Corona havoc) कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. इस पर अभी तक वैज्ञानिकों में आम राय नहीं बन पा रही है. वहीं अब एक और जानकारी सामने आई है कि एसी बसों, मेट्रो या अन्य वाहनों में कोरोना (Corona havoc) पॉजिटिव व्यक्ति के साथ सफ़र करना आपको काफी भारी पड़ सकता है. ये स्टडी कोरोना से संक्रमित ऐसे लोगों पर की गई है जो कि एक बस यात्रा के बाद संक्रमित पाए गए थे.

30 मिनट तक रह सकता है जिंदा

दरअसल चाइनीज सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (CDC) के ल्यू काईवेई, हाई जेंग और अन्य ने मिलकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसके मुताबिक वातानुकूलित जगह कोरोना के हवा के जरिए फैलने में मददगार हैं. इस खोज के मुताबिक वातानुकूलित जगहों पर कोरोना 30 मिनट तक जिंदा रह सकता है जबकि 4.5 मीटर तक फैलने में भी सक्षम है. इस खोज के बाद अब दुनिया भर में सार्वजनिक परिवहन के वातानुकूलित साधनों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं.

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वहीं ग्लोबल टाइम्स में छपी एक खबर के मुताबिक चीन के हुनान प्रांत में कोरोना(Corona havoc) के संपर्क में आए 15 से ज्यादा लोगों पर इस रिसर्च को अंजाम दिया गया. ये सभी एक वातानूकूलित बस के जरिए यात्रा कर रहे थे. इस बस में मौजूद बिना मास्क वाले सभी लोगों को एक शख्स के जरिए कोरोना वायरस हो गया था.

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 4.5 मीटर तक फैलने में सक्षम

इसमें चौंकाने वाली बात ये है कि इनमें से कुछ लोग इस व्यक्ति के बस में उतरने के 20 और 30 मिनट बाद बस में चढ़े थे, लेकिन एयर कंडीशंड की वजह से कोरोना नष्ट नहीं हुआ. इसी से साबित हुआ कि ये वायरस वातानुकूलित जगहों पर 30 मिनट से भी ज्यादा जिंदा रह सकता है. इसके अलावा बस में संक्रमित व्यक्ति से 4.5 मीटर दूर बैठे लोग भी इससे बच नहीं पाए. हालांकि संक्रमित वही हुए जिन्होंने मास्क नहीं पहना हुआ था. वैज्ञानिकों का कहना है कि बंद वातावरण जैसे वातानुकूलित कमरे, बस या मेट्रो में ये वायरस अपेक्षाकृत ज्यादा घातक स्तर पर फ़ैल रहा है.